कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की उम्मीदों को झटका, UN चीफ ने साफ कर दी अपनी भूमिका

इस्लामाबाद। पाकिस्तान दुनिया के हर वैश्विक मंच पर कश्मीर को लेकर प्रोपेगेंडा फैलाने का प्रयास करता रहता है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इस्लामाबाद दौरे के दौरान जब उनसे कश्मीर को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने खुद ही संयुक्त राष्ट्र की साख और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बता दें कि एंटोनियो गुटेरेस को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'निशान-ए-इम्तियाज' से सम्मानित किया गया है। पाकिस्तान ने इस कूटनीति के जरिए उनका दिल जीतने और अपने पक्ष में बयान दिलवाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी यह चाल पूरी तरह नाकाम साबित हुई।

पाकिस्तानी पत्रकार का कश्मीर पर सवाल

इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक स्थानीय पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के दशकों पुराने और अब तक लागू न हो चुके प्रस्तावों का मुद्दा उठाया। पत्रकार ने सवाल किया कि यूएनएसएससी के कई प्रस्तावों पर कोई अंतिम फैसला क्यों नहीं लिया गया और कश्मीर के एजेंडे को करीब सात दशकों से लंबित रखने के बाद इसे अमलीजामा पहनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र को किन तंत्रों पर काम करना चाहिए।

यूएन प्रमुख के जवाब से पाकिस्तान को झटका

पत्रकार के इस सवाल का जवाब देते हुए यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि सुरक्षा परिषद आज की बदलती हुई दुनिया का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। इसके पास वैधता और प्रभावशीलता की एक गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे यूएनएससी में यूरोप के तीन वीटो पावर वाले देश शामिल हैं, लेकिन अफ्रीका महाद्वीप से एक भी देश नहीं है।

गुटेरेस ने दो टूक कहा कि यूएनएससी के पास न तो पर्याप्त वैधता है और न ही जमीनी असर दिखाने की क्षमता। किसी भी प्रस्ताव को पूरी तरह लागू करने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह होती है कि इसके स्थायी सदस्य सभी मुद्दों पर एक साथ आएं, लेकिन सच्चाई यह है कि वे एक-दूसरे से विभाजित हैं। महाशक्तियां खुद कई बार संघर्षों की शुरुआत करती हैं और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों का खुला उल्लंघन करती हैं, जिससे पूरी दुनिया में एक ऐसा संदेश जाता है कि अन्य देश भी अपनी मनमानी कर सकते हैं।

Latest news

Related news