भोपाल: राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और सनसनीखेज रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी व केयरटेकर वरुण कुमार पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। वारदात के बाद से लगातार अपने ठिकाने बदल रहे इस शातिर आरोपी की ताजा लोकेशन भोपाल से करीब 600 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन में मिली है। पुलिस की सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल से यह खुलासा हुआ है कि आरोपी आगरा और आगरा-वृंदावन मार्ग के रास्ते यात्री वाहनों से वृंदावन तक पहुंचा है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है, जबकि मध्य प्रदेश सहित पांच अलग-अलग राज्यों में पुलिस की 12 विशेष टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
दो वाहन बदलकर पहुंचा था स्टेशन, शातिराना तरीके से बदल रहा ठिकाने
जांच के दौरान पुलिस के हाथ आरोपी का एक नया सीसीटीवी फुटेज लगा है, जिसमें वह बाइक पर सवार होकर रेलवे स्टेशन की ओर जाता नजर आ रहा है, जबकि इससे पहले मिले फुटेज में वह पैदल दिखाई दिया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए वरुण बेहद शातिर तरीके अपना रहा है। भोपाल स्टेशन तक पहुंचने के लिए भी उसने दो अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया था। वह किसी भी स्थान पर ज्यादा देर रुकने के बजाय लगातार लोकल पैसेंजर वाहनों से सफर कर रहा है, जिसकी वजह से पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले वह ठिकाना बदलने में कामयाब हो जाता है। अब पुलिस तकनीकी लोकेशन और सीसीटीवी की कड़ियों को जोड़कर उसके पूरे भागने के रूट मैप को खंगालने में जुटी है।
पटियाला में बहन से पूछताछ, आगरा में छोड़ा मृतक का मोबाइल
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। आगरा पहुंचने के बाद उसने वह मोबाइल अपने एक परिचित को सौंप दिया था। पुलिस ने जब मोबाइल की लोकेशन और वरुण के पुराने सिम की तकनीकी जांच की, तब उसके आगरा-मथुरा ट्रेल का पर्दाफाश हुआ। इसी कड़ी में भोपाल पुलिस की एक विशेष टीम पंजाब के पटियाला भी पहुंची, जहां उसकी बहन को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। हालांकि, बहन ने पुलिस को बताया है कि वरुण लंबे समय से उनके परिवार के संपर्क में नहीं था। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों से वित्तीय और लॉजिस्टिक्स मदद मिल रही है।
30 सितंबर की रात सर्जिकल ब्लेड से की गई थी हत्या
गौरतलब है कि 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके आवास पर रिटायर्ड आईएएस अफसर राकेश अग्रवाल की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि हत्यारे ने अत्यंत शातिर तरीके से सर्जिकल ब्लेड से उनका गला रेता था। इस नृशंस हत्याकांड के बाद से ही उनका केयरटेकर वरुण कुमार फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।

