Khatima Eklavya Vidyalaya खटीमा : उत्तराखंड के खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल को केंद्र सरकार बड़ी सौगात देने जा रही है. केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने घोषणा की कि विद्यालय के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भारत सरकार करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी. उन्होंने बताया कि लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री ने यह घोषणा उत्तराखंड आदि रंगोत्सव के दौरान आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए की. इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई.

Khatima Eklavya Vidyalaya: 480 विद्यार्थियों की होगी क्षमता
जुएल ओराम ने बताया कि खटीमा के एकलव्य विद्यालय में कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी. इनमें 240 बालक और 240 बालिकाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के लिए निर्धारित क्षमता भी 480 विद्यार्थियों की है.
उन्होंने विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की सराहना करते हुए कहा कि यह जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों में भी एकलव्य विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं. इनमें बाजपुर, चकराता और देहरादून के कालसी क्षेत्र के विद्यालय शामिल हैं.

अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को किया याद
जनसभा को संबोधित करते हुए जुएल ओराम ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जनजातीय मामलों के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया गया था.
उन्होंने कहा कि अलग मंत्रालय बनाने का उद्देश्य थारू, बोक्सा, जौनसारी समेत देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना था.
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है.
जनजातीय कल्याण के लिए योजनाओं का किया जिक्र
जुएल ओराम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र से जुड़ी जनजातीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी.
किरेन रिजिजू ने की उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति की तारीफ
कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी समेत कई जनजातीय समुदाय रहते हैं. इन समुदायों की अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपराएं और जीवनशैली हैं, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध बनाती हैं.
रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान मुख्यमंत्री की भूमिका का उल्लेख करते हुए उनके जनसेवा के प्रयासों की प्रशंसा की.
बिरसा मुंडा और जनजातीय गौरव दिवस का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने का उल्लेख किया.
उन्होंने पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के जरिए दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी.
रिजिजू ने कहा कि जनजातीय समाज को अपनी संस्कृति, पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.
13 राज्यों के कलाकारों ने दिखाई लोक संस्कृति की झलक
उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने अपनी समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की. राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं.
कलाकारों की पारंपरिक वेशभूषा और रंग-बिरंगी प्रस्तुतियां कार्यक्रम में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं. आयोजन के जरिए विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया.
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, खजान दास, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्यमंत्री गीता राम गौड़, रणजीत सिंह नामधारी, विनय रुहेला, मोहनी पोखरिया, गम्भीर सिंह धामी, फरजाना बेगम, किशन सिंह किन्ना, उत्तम दत्ता, लीलावती राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी और भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे.

