चुनाव आयोग का बड़ा कदम, SIR में डिलीट हुए 4.47 लाख नाम दोबारा होंगे शामिल

इंदौर: निर्वाचन आयोग की स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान इंदौर जिले में काटे गए लाखों मतदाताओं के नामों को दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर वोटर्स का सत्यापन करेंगे।

इतने वोटर्स के नाम किए गए थे बाहर

पिछले साल अक्टूबर 2025 में जब यह प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब जिले में कुल 28 लाख 67 हजार 294 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद एसआईआर (SIR) के तहत प्रारंभिक सूची में नाम न मिलने के कारण 4 लाख 47 हजार 123 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। चुनाव आयोग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को जारी सूची के अनुसार जिले में वोटर्स की संख्या घटकर 24 लाख 20 हजार रह गई थी। हालांकि, बाद में कुछ नाम जुड़ने के बाद फरवरी 2026 की अंतिम सूची में यह संख्या 24 लाख 86 हजार तक पहुंच गई थी और वर्तमान में जिले में कुल 25 लाख 2 हजार 563 मतदाता हैं।

किस विधानसभा क्षेत्र से हटाए गए सबसे ज्यादा नाम?

प्रारंभिक सूची के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर-5 विधानसभा क्षेत्र से सबसे ज्यादा 87,591 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इसके अलावा इंदौर-1 से 75 हजार, इंदौर-2 से 72 हजार, महू से 27 हजार और सांवेर से 24 हजार मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए थे। अब चुनाव आयोग के निर्देश पर इन सभी छूटे हुए मतदाताओं को दोबारा जोड़ने की कवायद शुरू की जा रही है।

घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे BLO

काटे गए नामों को दोबारा जोड़ने के लिए जिले के सभी 3,225 बूथों पर बीएलओ (BLO) सक्रिय होंगे। वे घर-घर जाकर वास्तविक मतदाताओं की तलाश करेंगे और उनके दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।

क्या है SIR प्रक्रिया?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर चलाई जाने वाली एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से वोटर लिस्ट का वेरिफिकेशन किया जाता है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर वोटर्स के दस्तावेजों का मिलान करते हैं। यदि कोई मतदाता मृत, फर्जी या डुप्लीकेट पाया जाता है, तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाता है। वहीं, आपत्ति दर्ज कराने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने पर पात्र नागरिकों के नाम दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़ दिए जाते हैं।

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