यहूदियों को मारना चाहता था ओमानी को-पायलट?सोशल मीडिया पोस्ट जांच में बड़ा खुलासा

Flydubai Attack नई दिल्ली : दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी ओमानी को-पायलट को लेकर नए दावे सामने आ रहे हैं. इजरायली अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच में ऐसे पोस्ट मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर यहूदियों के खिलाफ नफरत और उन्हें मारने की बात की गई थी.

यूएई के अधिकारियों ने भी यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की है कि घटना का संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि या पूर्व नियोजित साजिश से था या नहीं.

Flydubai Attack:भारतीय पायलट पर कॉकपिट में हमला

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की उड़ान में उस समय अफरातफरी मच गई, जब ओमानी नागरिक बताए जा रहे को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.

हमले के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई. रिपोर्टों के अनुसार विमान करीब 14,000 फीट तक नीचे आया, जिसके बाद घायल कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की. इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया. विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी.

सोशल मीडिया पोस्ट में क्या मिला?

इजरायली अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच में कथित तौर पर ऐसे पोस्ट मिले हैं जिनमें यहूदियों को निशाना बनाने और उनकी हत्या की बात कही गई थी.

इजरायली अधिकारी ने इसे आरोपी के संभावित कट्टरपंथीकरण से जोड़ते हुए कहा कि उसके अकाउंट्स से जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं. हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि इन पोस्ट का विमान में हुए हमले से सीधा संबंध था या नहीं.

यही वजह है कि इस मामले में कट्टरपंथी विचारधारा, संभावित आतंकी मकसद और विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की मंशा समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है.

‘मुझे मार दो…’ चिल्ला रहा था आरोपी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद दावा किया कि आरोपी को काबू में किए जाने के बाद वह बार-बार खुद को मारने के लिए कह रहा था.

नेतन्याहू ने इसे आरोपी के आत्मघाती इरादे से जोड़ते हुए कहा कि उपलब्ध शुरुआती जानकारी से ऐसा प्रतीत होता है कि वह विमान को नीचे गिराने की कोशिश कर सकता था. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले घटना के मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.

क्या विमान को क्रैश करना चाहता था को-पायलट?

यह इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल बन गया है. इजरायली अधिकारियों ने आशंका जताई है कि को-पायलट का मकसद विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना हो सकता था.

घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक भारी गिरावट आई थी. इसके बाद घायल कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को अंदर आने का मौका दिया. यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और बाद में दूसरे पायलटों ने विमान की कमान संभाली.

हालांकि, विमान को जानबूझकर क्रैश करने का इरादा अभी जांच का विषय है, इसे अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना गया है.

ईरान कनेक्शन की भी जांच

इस मामले में ईरान का एंगल भी सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कुछ यूएई अधिकारियों की ओर से मीडिया में ईरान की संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं लेकिन अभी तक ईरान की संलिप्तता का निर्णायक सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है.

नेतन्याहू ने भी ईरान के संभावित कनेक्शन पर कहा कि इस स्तर पर कुछ निश्चित कहना जल्दबाजी होगी.

UAE की अगुवाई में जांच

घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है. यूएई के अटॉर्नी जनरल ने यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि विमान में हुई घटना का संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि से था या नहीं.

जांच में यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, अमेरिका और ओमान की एजेंसियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है. सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को चिकित्सा सहायता दी गई. बाद में उन्हें यूएई भेजे जाने की जानकारी दी गई.

फ्लायदुबई की उड़ानों पर सुरक्षा समीक्षा

घटना के बाद इजरायल ने विदेशी एयरलाइन क्रू की सुरक्षा जांच को लेकर भी समीक्षा शुरू की है. इजरायली अधिकारियों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि ऐसे देश के नागरिक को इजरायल जाने वाली उड़ान का को-पायलट बनने की अनुमति कैसे मिली, जिसके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं.

इजरायल ने भविष्य में देश में आने वाली उड़ानों के पायलटों की पहचान और सुरक्षा जांच को और कड़ा करने की बात कही है.

स्मित मच्छार की बहादुरी की हो रही तारीफ

इस घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका सबसे अहम रही. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू को हमलावर तक पहुंचने का मौका मिला.

इसके बाद विमान की कमान दूसरे पायलटों ने संभाली और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मच्छार से वीडियो कॉल पर बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की.

अभी कई सवालों के जवाब बाकी

फ्लायदुबई की इस घटना में जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं—आरोपी कॉकपिट तक हथियार कैसे लेकर पहुंचा, उसके सोशल मीडिया पोस्ट का हमले से कितना सीधा संबंध था, क्या वह अकेले काम कर रहा था और क्या वास्तव में विमान को क्रैश करने की योजना थी?

फिलहाल यूएई और सहयोगी देशों की जांच जारी है. सोशल मीडिया पर सामने आए कथित पोस्ट और इजरायली अधिकारियों के दावों को जांच में मिले अन्य सबूतों के साथ मिलाकर देखा जा रहा है. जब तक जांच पूरी नहीं होती, आरोपी की मंशा और संभावित आतंकी कनेक्शन को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.

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