नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस विरोध मार्च के कारण दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शहर के कई प्रमुख स्टेशनों पर आवाजाही रोक दी है, जिससे यात्रियों को भारी फेरबदल का सामना करना पड़ रहा है।
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत DMRC ने अगली सूचना तक कुल 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह बंद कर दिए हैं। प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, नई दिल्ली और रामकृष्ण आश्रम मार्ग शामिल हैं। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज (मेट्रो बदलने) की सुविधा सुचारू रूप से जारी रहेगी।
जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात और धारा 163 लागू
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले इस प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों को पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर क्षेत्र में बीएनएस (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। जनपथ समेत जंतर-मंतर की ओर आने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। यहां तक कि आम राहगीरों और पैदल यात्रियों को भी बैरिकेड्स के आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
छात्र संगठनों का मार्च और प्रदर्शन की रूपरेखा
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) जैसे वामदलों के संगठनों ने जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से इस प्रस्तावित मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है, बावजूद इसके संगठनों से जुड़े करीब 1,500 लोगों के इस प्रदर्शन में शामिल होने और जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने की पूरी संभावना है।

