मुंबई| भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बावजूद देश के म्युचुअल फंड उद्योग में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने के दौरान म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में लगभग 5 लाख नए निवेशकों के अकाउंट यानी फोलियो जुड़े हैं, जिससे कुल फोलियो की संख्या बढ़कर 8.53 करोड़ पर पहुंच गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी वोलेटिलिटी के बीच भी निवेशकों का पीछे न हटना इस बात का प्रमाण है कि उन्हें अब बाजार के जोखिमों की बेहतर समझ है और वे लंबी अवधि के निवेश को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
अगस्त में बढ़े 4.81 लाख नए फोलियो
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 44 फंड हाउस के साथ कुल फोलियो की संख्या जुलाई के अंत में 8,48,00,409 से बढ़कर अगस्त के अंत में 8,52,81,222 हो गई है, जिसमें शुद्ध रूप से 4.81 लाख फोलियो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई महीने में इंडस्ट्री ने 10.29 लाख नए फोलियो जोड़े थे, जिसके मुकाबले अगस्त की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है, फिर भी कुल संख्या में लगातार इजाफा यह बता रहा है कि खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी इस सेगमेंट में लगातार बनी हुई है।
इक्विटी और डेट फंड्स में जोरदार बढ़ोतरी
विभिन्न श्रेणियों की बात करें तो अगस्त के अंत में इक्विटी और इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) के तहत फोलियो की संख्या 4.11 लाख बढ़कर 6.16 करोड़ हो गई, जो पिछले महीने 6.12 करोड़ थी। वहीं दूसरी ओर, डेट-ओरिएंटेड स्कीमों के फोलियो में भी 1.15 लाख की बढ़त देखी गई और यह संख्या बढ़कर 66.75 लाख पर पहुंच गई। डेट कैटेगरी के भीतर लिक्विड फंड्स 16.42 लाख फोलियो के साथ सबसे आगे रहे, जबकि उनके बाद 9.15 लाख फोलियो के साथ लो-ड्यूरेशन फंड्स का स्थान रहा, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में विविधता साफ झलकती है।
एसआईपी का बढ़ता क्रेज और नए फंड ऑफर्स का जलवा
म्युचुअल फंड्स में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी की रफ्तार में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। अगस्त महीने में एसआईपी के जरिए होने वाला निवेश बढ़कर 32,297 करोड़ रुपये हो गया, जो जुलाई में 31,961 करोड़ रुपये था और अब एसआईपी एसेट्स बढ़कर 18.6 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं, जो कुल एयूएम का लगभग 21 फीसदी है। इसके अलावा, फंड हाउसों ने अगस्त में 26 ओपन-एंडेड नई स्कीमें (NFO) लॉन्च कीं, जिनके जरिए कुल 7,110 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई, जिसमें इक्विटी और हाइब्रिड फंड्स को निवेशकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली।
छोटे शहरों का बढ़ता योगदान और कुल एयूएम में शानदार उछाल
म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AAUM) अगस्त में बढ़कर 88.31 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले महीने के मुकाबले 2 फीसदी अधिक है और सालाना आधार पर इसमें 15 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। इस ग्रोथ में छोटे शहरों यानी बी-30 (B-30) क्षेत्रों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है, जहां खुदरा निवेशकों का औसत निवेश लगभग 1.07 लाख रुपये दर्ज किया गया है। महानगरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक निवेशकों की बढ़ती सक्रियता यह दर्शाती है कि आने वाले समय में देश का म्युचुअल फंड बाजार और अधिक मजबूत होने की राह पर है।

