Badrinath Dham Record : चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 22 सितंबर 2026 तक भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के लिए 17,79,805 श्रद्धालु पहुंचे. 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा के 153 दिनों में ही यह आंकड़ा पिछले साल के कुल दर्शनार्थियों की संख्या से आगे निकल गया. खास बात यह है कि यात्रा का मौजूदा आंकड़ा 2023 के पूरे सीजन में पहुंचे 17,80,429 श्रद्धालुओं के आंकड़े से अभी 624 कम है.
Badrinath Dham Record :153 दिनों में 17.79 लाख से अधिक श्रद्धालओं ने किये दर्शन
इस वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले थे. इसके बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. 22 सितंबर तक 17 लाख 79 हजार 805 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके थे.
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 सितंबर को ही 6,685 श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए.मौसम में सुधार के साथ यात्रा के दूसरे चरण में भी तीर्थयात्रियों की आवाजाही बनी हुई है. इस वर्ष 22 सितंबर तक दर्ज संख्या 2025 के पूरे यात्रा सीजन के आंकड़े से अधिक हो चुकी थी.
यात्रा के इस आंकड़े को पिछले वर्षों से जोड़कर देखें तो बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में समय के साथ बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. प्राकृतिक आपदा और कोरोना महामारी के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई, जबकि हाल के वर्षों में यह दोबारा बढ़कर 17 लाख के पार पहुंच गई.
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड के गठन के वर्ष 2000 में बद्रीनाथ धाम में 6,95,332 श्रद्धालु पहुंचे थे. इसके बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई. केवल, 2014 की केदारनाथ धाम आपदा और कोरोना संक्रमण के दौरान यात्रा पर बड़ा असर पड़ा.
बद्रीनाथ यात्रा: साल-दर-साल आंकड़े
श्रद्धालुओं की संख्या · पर्यटन विभाग के उपलब्ध आंकड़े
वर्ष | दर्शनार्थियों की संख्या |
| 2000 | 6,95,332 |
| 2007 | 7,68,107 |
| 2008 | 10 लाख से अधिक |
| 2010 | 10 लाख से अधिक |
| 2014 | 1,59,575 |
| 2018 | 10,48,051 |
| 2019 | 12,44,993 |
| 2020 | 1,55,055 |
| 2021 | 1,99,409 |
| 2022 | 17,63,578 |
| 2023 | 17,80,429 |
| 2024 | 17,74,264 |
| 2025 | 17,78,298 |
| 2026 (22 सितंबर तक) | 17,79,805 |
स्रोत: उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट. 2008 और 2010 के लिए उपलब्ध जानकारी में संख्या 10 लाख से अधिक बताई गई है।
इन आंकड़ों से साफ है कि 2022 से बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार 17 लाख से ऊपर बनी हुई है. वर्ष 2023 में पूरे यात्रा सीजन के दौरान 17,80,429 श्रद्धालु पहुंचे थे, जो उपलब्ध आंकड़ों में अब तक का सर्वाधिक वार्षिक आंकड़ा है. वर्ष 2026 में 22 सितंबर तक ही 17,79,805 श्रद्धालु पहुंच चुके थे. इस तरह मौजूदा यात्रा सीजन में 2023 के रिकॉर्ड से अंतर बेहद कम रह गया है.
2014 की आपदा और कोरोना महामारी से प्रभावित हुई थी यात्रा
बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या हमेशा एक जैसी नहीं रही.उत्तराखंड राज्य के गठन के वर्ष 2000 में यहां 6.95 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. वर्ष 2007 में यह संख्या बढ़कर 7.68 लाख से अधिक हो गई. पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2008 और 2010 में दर्शनार्थियों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई थी.
लेकिन वर्ष 2014 में आई भीषण आपदा के बाद यात्रा प्रभावित हुई और बद्रीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटकर 1,59,575 रह गई। इसके बाद हालात में सुधार के साथ यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ी. वर्ष 2018 में 10,48,051 और 2019 में 12,44,993 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.
कोरोना महामारी के दौरान एक बार फिर यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई. वर्ष 2020 में केवल 1,55,055 और 2021 में 1,99,409 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे. इसके बाद 2022 से यात्रा में तेजी से सुधार देखने को मिला और श्रद्धालुओं की संख्या दोबारा 17 लाख के पार पहुंच गई.
2022 से लगातार बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
कोरोना महामारी के बाद बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई. वर्ष 2022 में 17,63,578 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 17,80,429 हो गया.
वर्ष 2024 में 17,74,264 और 2025 में 17,78,298 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. इस वर्ष 22 सितंबर तक 17,79,805 श्रद्धालु धाम पहुंच चुके थे. यानी 2026 का आंकड़ा 2025 के पूरे सीजन से 1,507 अधिक है.
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच यात्री सुविधाओं पर जोर
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए राज्य सरकार ने धामों और यात्रा मार्गों पर सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है.
बद्रीनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण यात्रा प्रबंधन, आवागमन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं. ऐसे में सरकार की ओर से धाम और यात्रा पड़ावों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी
सीएम धामी बोले- धामों और पड़ावों पर सुविधाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धामों और यात्रा पड़ावों पर यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया.
कपाट बंद होने से पहले सकती श्रद्धालुओं की बढ़ सकती है संख्या
22 सितंबर तक बद्रीनाथ धाम में 17.79 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे. उस समय यात्रा सीजन के कई सप्ताह शेष थे. ऐसे में आगे आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना है.
हालांकि, यात्रा के अंतिम आंकड़े मौसम, मार्ग की स्थिति और कपाट बंद होने की तारीख तक जारी रहने वाली दर्शन व्यवस्था पर निर्भर करेंगे. बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ावों में से एक के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाती है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि यात्रा सीजन के समापन तक दर्शनार्थियों की कुल संख्या कहां पहुंचती है.

