सोनप्रयाग : चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 22 अप्रैल से शुरू हो चुकी है. गंगोत्री यमनोत्री के बाद अब केदारनाथ जी के कपाट 25 अप्रैल को पूरे विधि विधान के साथ सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खोले जाएंगे .
खराब मौसम ने रंग में डाला भंग
सेक्टर मजिस्ट्रेट के मुताबिक प्रशासन की तरफ से यात्रा को सुगम बनाने के लिए तमाम कदम उठाए गए हैं. सेक्टर मजिस्ट्रेट जीतेंद्र वर्मा का कहना है कि अभी तक कुल साढे 6 लाख यात्रियों ने केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. हाल के दिनों में मौसम में परिवर्तन के कारण केदारनाथ में भारी बर्फबारी के चलते थोड़ी परेशानी खड़ी हुई है लेकिन प्रशासन स्थिति पर पूरी नज़र बनाये हुए है.
ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी उपलब्ध
केदारनाथ दर्शन के लिए देश के अलग अलग कोनो से यात्री पहुंच रहे हैं. यात्रा के सुव्यवस्थित बनाये रखने के लिए केवल उन्ही लोगों को उपर जाने दिया जा रहा है जिनका रजिस्ट्रेशन हो गया है . उन लोगों के लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की है जिन्होंने ऑनलाइन या ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है.सोनप्रयाग पहुंचने पर हाथोंहाथ रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा भी की गई है.
चार धाम यात्रा का महत्व
आपको बता दें कि शाश्त्रो में दो चार धाम यात्रा का जिक्र होता है. बड़ी चार धाम यात्रा और छोटी चार धाम यात्रा . बड़ी चार धाम यात्रा में श्रद्धालु देश के चार कोनों में बने चार तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं . बड़ी चार धाम यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम से शुरु होकर गुजरात में द्वारकाधीश फिर पूर्व में उडीसा में जगन्नाथ पुरी होते हुए दक्षिण में तामिलनाडु के रामेश्वरम में पूरी होती है .
बड़ी चार धामयात्रा




वहीं दूसरी चार धाम यात्रा छोटी चारधाम के नाम से जानी जाती है. इस यात्रा में श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड के चार पवित्र स्थलों की यात्रा करते हैं. ये यात्रा यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथधाम और केदारनाथ धाम की यात्रा से पूरी होती है. हिंदु धर्म संस्कृति में मान्यता है कि जो श्रद्धालु अपने जीवन में एक बार चार धाम की यात्रा कर लेता है वो जीवन मरन के चक्र से मुक्त हो जाता है.
छोटी चारधाम यात्रा





