Gyanesh Kumar NDA:मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विवाद गहराता जा रहा है. विपक्ष जहां ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की मांग कर रहा है, वहीं केंद्र में सत्तारूढ़ NDA के सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी चुनाव आयोग से सवालों का जवाब देने की बात कही है.
#WATCH पटना (बिहार): राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “अगर चुनाव आयोग के ऊपर ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं तो मैं मानता हूं कि ये जिम्मेदारी भी चुनाव आयोग की है कि वो अपने पक्ष मे अपनी बातों को मजबूती से रखें। विपक्ष क्या… pic.twitter.com/vh8NdozECK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 25, 2026
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
Gyanesh Kumar NDA – चुनाव आयोग जनता के सामने रखे अपना पक्ष-चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को इनका जवाब देना चाहिए. उनके मुताबिक, यह मामला केवल विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में जनता के भरोसे से जुड़ा है.
पासवान ने कहा कि विपक्ष क्या कहता है, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि विपक्ष का काम राजनीति करना है लेकिन जब चुनाव आयोग पर सवाल उठते हैं, तो आयोग की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों के साथ अपनी बात रखे.
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का संदेह खड़ा होना ठीक नहीं है. आयोग को अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे.चिराग का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह केंद्र की NDA सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख नेता हैं.
नवीन पटनायक ने भी की इस्तीफे की मांग
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कथित तौर पर चुनाव आयुक्तों के बीच गंभीर मतभेदों का हवाला देते हुए कहा कि SIR की पूरी प्रक्रिया पर दोबारा गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.
विपक्ष की मांग केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है. कई दलों ने SIR की समीक्षा, चुनाव आयोग के कामकाज की जांच और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर स्पष्टीकरण देने की मांग भी उठाई है. कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की संभावना पर भी विपक्षी दलों से बातचीत किए जाने की खबरें सामने आई हैं.
अभिषेक बनर्जी का 30 लाख नाम हटाने का दावा
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मतदाता सूची से करीब 30 लाख नाम हटाने की कथित साजिश का आरोप लगाया था. उन्होंने पर्यवेक्षकों के एक व्हाट्सऐप ग्रुप के स्क्रीनशॉट का हवाला देते हुए सवाल उठाए.
हालांकि, इन स्क्रीनशॉट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में 30 लाख नाम हटाने की कथित साजिश के दावे को प्रमाणित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता. इस मामले में संबंधित दस्तावेजों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी.
SIR को लेकर उठे इन सवालों के बीच चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए. विवाद के विभिन्न पहलुओं पर आयोग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण दिए जाने की मांग भी उठ रही है.
कॉकरोच जनता पार्टी का 48 घंटे का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
पार्टी ने 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की बात कही है. इसकी शुरुआत मुंबई से किए जाने का जिक्र भी सामने आया है. CJP ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग के कामकाज में बदलाव की मांग की है.
राहुल गांधी ने कहा- इस्तीफा दें और सरकारी गवाह बनें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कुमार से अपने पद और जिम्मेदारी पर गंभीरता से विचार करने को कहा.
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को सरकारी गवाह बन जाना चाहिए. उनके मुताबिक, ऐसा करना देशहित में होगा. उन्होंने सत्ता-विरोधी लहर का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि चुनावों में सत्तारूढ़ दलों के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी का असर क्यों नहीं दिख रहा है.
राहुल गांधी के ये बयान उनके राजनीतिक आरोपों और मांगों का हिस्सा हैं. चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार करते हुए कोई निष्कर्ष नहीं दिया है. आयोग का पक्ष है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे.
यूपी में ज्ञानेश कुमार के कार्यक्रम भी स्थगित
इस विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित दो मतदाता जागरूकता कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं. इनमें मेरठ में चुनावी साक्षरता क्लब से जुड़ा कार्यक्रम और 28 सितंबर को वाराणसी में युवाओं के साथ प्रस्तावित संवाद शामिल था.
हालांकि, चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को लिया गया था और इसे मौजूदा विवाद से जोड़ना सही नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव विभिन्न प्रशासनिक और अन्य कारणों से होता रहता है.

