वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत, वाराणसी से वडनगर की ओर बाइक यात्रा पर निकले युवाओं के एक समूह ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। यह विशेष अभियान 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही है।
युवाओं द्वारा साझा किए गए यात्रा के अनुभव
वाराणसी से वडनगर की यात्रा पर गए युवाओं ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि उनका यह सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर रुककर उन्होंने आम नागरिकों से संवाद किया और उनके जीवन से जुड़ी बातें जानीं। इस दौरान उन्नाव जिले में एक बुजुर्ग महिला के साथ हुई उनकी मुलाकात काफी चर्चा का विषय रही। जब महिला ने युवाओं से उनके गंतव्य के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री के पैतृक गांव जा रहे हैं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से आशीर्वाद ले रहे हैं। यह सुनकर उस महिला ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री के लिए धन्यवाद संदेश भेजा।
उन्नाव की बुजुर्ग महिला की जुबानी पक्के मकान की कहानी
यात्रा दल ने बताया कि उन्नाव की उस बुजुर्ग महिला ने प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए अपनी पुरानी और दर्दनाक घटना साझा की। महिला के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें नया पक्का मकान प्राप्त हुआ है। यदि उन्हें यह पक्का आवास नहीं मिला होता, तो उनका परिवार गंभीर खतरे में पड़ सकता था। उनका पूर्ववर्ती कच्चा घर अत्यंत जर्जर अवस्था में था, और एक बार जब वह उसके बाहर बैठी थीं, तो अचानक वह मकान ढह गया था, जिससे उन्हें ईंट लगने से चोट भी आई थी। महिला ने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
सेवा संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस पूरे अभियान में युवाओं की भूमिका केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक बाइक चलाना भर नहीं है। वाराणसी और वडनगर के बीच जारी इस यात्रा में रास्ते भर सेवा कार्यों, स्थानीय चर्चाओं और सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है। युवा वर्ग जगह-जगह पर स्वच्छता अभियानों का संचालन करने के साथ-साथ विद्यालयों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाकर सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है।
जन-संपर्क को प्रधानमंत्री ने माना महत्वपूर्ण अनुभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के इन संस्मरणों को सुनते हुए जनता के साथ सीधे संवाद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राओं के माध्यम से युवाओं को देश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के निवासियों और विभिन्न समुदायों से रूबरू होने का मौका मिलता है। इससे उन्हें जमीनी हकीकत, आम जनता के संघर्षों और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं को नजदीक से देखने-समझने की सीख मिलती है। यह पहल समाज के साथ सीधे जुड़ाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रही है।

