राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में चार्जशीट दाखिल, 8 आरोपियों के साथ  CCTV में 105 घटनाओं का जिक्र

Ram Mandir Chargesheet अयोध्या : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच एजेंसी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ एंटी-करप्शन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इससे मामले की जांच का एक अहम चरण पूरा हो गया है.

जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक केस में सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, बरामदगी से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया है. इससे पहले 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि 25 सितंबर को 90 दिन की अवधि पूरी होने से पहले चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

Ram Mandir offerings Theft:CCTV में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाओं का जिक्र

एसआईटी की जांच में चढ़ावे की रकम से जुड़ी अनियमितताओं के कई मामले सामने आने की बात कही गई है. हिंदी समाचार पत्र अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 105 ऐसी घटनाएं चिह्नित की गई हैं, जिनमें गणना कक्ष में नकदी के साथ कथित छेड़छाड़ या उसे अनधिकृत तरीके से हटाने की बात सामने आई.

जांच के दौरान गणना कक्ष में नकदी छिपाने, बाथरूम में रकम रखने और वाउचर से संबंधित प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर रकम निकालने जैसे तरीकों की भी जांच की गई.

करीब 7 हजार पन्नों की केस डायरी

सितंबर के मध्य में सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मामले में करीब 7,000 पन्नों की केस डायरी तैयार की थी. इसमें आरोपों से संबंधित दस्तावेज और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को शामिल किया गया था.

हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में चार्जशीट के दस्तावेजों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं. इसलिए अंतिम न्यायिक रिकॉर्ड में दर्ज पृष्ठ संख्या को ही निर्णायक माना जाएगा.

86 कीमती वस्तुओं के हिसाब पर भी सवाल

जांच के दौरान चढ़ावे में आई वस्तुओं और उनके रिकॉर्ड का मिलान भी किया गया. बड़ी संख्या में वस्तुओं का रिकॉर्ड सही पाया गया, जबकि 86 कीमती वस्तुओं की रसीद या हिसाब नहीं मिलने की बात चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आई है.

जांच में नकदी के साथ-साथ गहनों और अन्य संपत्तियों से जुड़े पहलुओं को भी देखा गया. बरामदगी में वाहनों, आभूषणों और करीब 79.85 लाख रुपये नकद का उल्लेख किया गया है.

चार्जशीट में आठ आरोपी

मामले में पुलिस ने आठ लोगों को आरोपी बनाया है. इनमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं. सभी आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं.जून में आठों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी.

सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को गणना प्रक्रिया से जुड़ा प्रभारी और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी बताया गया है. वहीं अन्य आरोपियों के बीच रिश्तेदारी या पूर्व परिचय से जुड़े संबंधों की भी जांच की गई.

चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं

चार्जशीट में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के नाम शामिल नहीं किए गए हैं. इसको लेकर कुछ अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई और ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं ने विरोध और कार्य बहिष्कार किया. रिपोर्टों के मुताबिक, जिला जज की मध्यस्थता के बाद स्थिति सामान्य हुई और अधिवक्ताओं ने कोर्ट की कार्यवाही में लौटकर चार्जशीट देखी.

जून में शुरू हुआ था पूरा विवाद

राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला जून 2026 में सामने आया था। इसके बाद ट्रस्ट स्तर पर जांच और उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। मामले में जांच आगे बढ़ने के बाद एसआईटी गठित की गई और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर चढ़ावे की गणना और नकदी रखने की प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं को खंगाला गया. बाद में सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. अदालत चार्जशीट और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करेगी. इसके बाद आरोप तय करने और मुकदमे की सुनवाई से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है.

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