Jamui viral video Update पटना/जमुई : बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर को दो नाबालिगों के साथ कथित दुर्व्यवहार, मारपीट और छेड़छाड़ का वीडियो सामने आने के बाद चौतरफा दवाब के बीच बिहार पुलिस ने जांच तेज कर दी है. मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है वहीं घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
Jamui viral video Update:किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस के अनुसार, जमुई थाने में BNSS की धारा 128, 74 और 75 तथा POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही है.
वायरल वीडियो शेयर करने वालों पर भी पुलिस की नजर
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कार्रवाई शुरू की है. ADG के मुताबिक,अब तक फेसबुक अकाउंट 13,इंस्टाग्राम अकाउंट 12, ट्वीटर(X)अकाउंट यानी कुल अकाउंट्स 32
केएस अनुपम ने कहा कि नाबालिगों की पहचान या चेहरा उजागर करने वाला वीडियो प्रसारित करना भी कानून के तहत अपराध हो सकता है. ऐसे मामलों में POCSO एक्ट और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
घटना कब और कहां हुई?
ADG के अनुसार, घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच हुई. पुलिस घटनास्थल पर पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी.
अन्य मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि दोनों नाबालिग कोचिंग से लौटने के बाद पहाड़ी क्षेत्र में गए थे. पुलिस ने वीडियो और पीड़ितों के बयानों के आधार पर जांच शुरू की है.
पुलिस की जांच में सामने आए नए तथ्य
जमुई पुलिस ने वीडियो के आधार पर पीड़ितों की पहचान की और उनके बयान दर्ज किए. पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. आरोपियों की पहचान, घटना के वास्तविक क्रम और वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों को लेकर भी जांच जारी है.
मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने और तीन गिरफ्तारियों की जानकारी भी विभिन्न रिपोर्टों में दी गई है। शेष संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
जमुई की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने बिहार के पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई और रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने वायरल वीडियो को रोकने तथा पीड़ित नाबालिगों की निजता सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक नेताओं और विभिन्न दलों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. विपक्ष ने बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं. वहीं, सरकार की ओर से संबंधित मंत्री ने घटना को निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

