Rahul Gandhi Indore : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद किया. कार्यक्रम का केंद्र शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की चुनौतियां और उनके भविष्य से जुड़े सवाल रहे. राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश में ‘सिस्टम बनाम छात्र’ के मुद्दे को समझने की जरूरत है.
कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी समस्याएं, अनुभव और सुझाव साझा करने की अपील की थी. ‘छात्रों की गूंज’ उनके छात्र संवाद अभियान का पांचवां संस्करण है. इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी इस पहल के तहत कार्यक्रम हो चुके हैं.
VIDEO | Interacting with a student at ‘Chhatron Ki Goonj’ event in Madhya Pradesh’s Indore, Congress leader Rahul Gandhi (@RahulGandhi) asks: “Do you think every student in India can get a job?”
A student replies, “There are many vacancies, but recruitments are not taking place.… pic.twitter.com/zNLgvvk2xU
— Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2026
Rahul Gandhi Indore:‘सिस्टम क्या है और छात्र क्या है?’
राहुल गांधी ने कार्यक्रम की शुरुआत में कहा कि चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि आखिर यह सिस्टम क्या है, छात्र कौन होता है और छात्रों को सिस्टम किस तरह प्रभावित करता है. उन्होंने छात्रों के भविष्य के सामने मौजूद चुनौतियों को समझने और उन पर बातचीत की जरूरत बताई.
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और छात्रों के बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता. उन्होंने छात्रों के भीतर मौजूद कुछ विशेष गुणों का भी उल्लेख किया और कहा कि इन्हीं गुणों की वजह से छात्र समाज में बदलाव की क्षमता रखते हैं.
#WATCH | Indore, Madhya Pradesh: At the ‘Chhatron Ki Goonj’ programme in Indore, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “…The ‘andhbhakt’ says development is not needed. Modi ji is an incarnation of Vishnu. But the andhbhakt never asks questions. An andhbhakt will… pic.twitter.com/0Xa5b70O8h
— ANI (@ANI) September 19, 2026
छात्रों की जिज्ञासा को बताया अहम गुण
राहुल गांधी ने छात्रों के पहले बड़े गुण के तौर पर जिज्ञासा का उल्लेख किया. उनके मुताबिक छात्र स्वाभाविक रूप से सवाल पूछते हैं और अलग-अलग विषयों को समझने की कोशिश करते हैं.
उन्होंने कहा कि किसी चीज को जानने और उसके बारे में सवाल करने की इच्छा छात्र जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके संबोधन में छात्रों की सवाल पूछने की क्षमता को शिक्षा और लोकतांत्रिक संवाद से जोड़कर देखा गया.
‘छात्रों में मोहब्बत और सम्मान की भावना’
राहुल गांधी ने छात्रों के दूसरे गुण के रूप में मोहब्बत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक-दूसरे के साथ प्यार और सम्मान से पेश आते हैं तथा अलग-अलग विचारों को समझने की कोशिश करते हैं।
इसके बाद उन्होंने विनम्रता को छात्रों का एक और महत्वपूर्ण गुण बताया। राहुल गांधी के मुताबिक जो व्यक्ति सवाल पूछता है और उसके जवाब की तलाश करता है, उसमें अहंकार के बजाय सीखने की प्रवृत्ति होती है।
उन्होंने छात्रों को निडर और सहिष्णु बताते हुए कहा कि वे दूसरी विचारधाराओं और अलग सोच को समझने का प्रयास करते हैं।
‘छात्र धमकाते नहीं, सवाल करते हैं’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों की पहचान सवाल पूछने और जवाब तलाशने से होती है. उन्होंने कहा कि छात्रों को दूसरी सोच को समझने की कोशिश करनी चाहिए और संवाद के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए.
उन्होंने छात्रों में ईमानदारी को भी महत्वपूर्ण गुण बताते हुए कहा कि छात्र ईमानदारी से काम करते हैं. उनके संबोधन का बड़ा हिस्सा छात्रों की सोच, उनके सवालों और शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका पर केंद्रित रहा.
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शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी छात्रों से मांगी थी राय
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को राहुल गांधी ने छात्रों के अनुभव और समस्याएं सीधे सुनने के मंच के तौर पर पेश किया है. कार्यक्रम से पहले उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अनुभव, समस्याएं, प्रमाण और सुझाव साझा करने की अपील की थी.
राहुल गांधी ने इंदौर कार्यक्रम के संदर्भ में परीक्षा, हॉस्टल, पढ़ाई के दबाव, शिक्षा व्यवस्था और करियर से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की राय सामने रखने की बात कही थी.

