Jharkhand High Court रांची : झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ गई है. केंद्र सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है. इनमें मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा शामिल हैं. तीनों अधिकारी अब झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे. केंद्र की ओर से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी 19 सितंबर 2026 को सामने आई.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को हुई बैठक में इन तीनों न्यायिक अधिकारियों को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की थी. कॉलेजियम के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के नाम दर्ज हैं.
Jharkhand High Court:तीनों कौन से पद पर थे?
नियुक्त किए गए तीनों न्यायिक अधिकारी झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर से आते हैं. इनमें मनोज प्रसाद गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अखिल कुमार साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और राम शर्मा डालटनगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे.
अब इन तीनों की नियुक्ति हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर हो गई है. राष्ट्रपति की नियुक्ति प्रक्रिया के बाद केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की है.
10 सितंबर को कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट के लिए इन तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों की अनुशंसा की थी. कॉलेजियम के प्रस्ताव में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी.
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है.
हाईकोर्ट में अब 16 जज
तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो गई है. वहीं हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 25 स्वीकृत पद हैं. यानी नई नियुक्तियों के बाद भी स्वीकृत संख्या के मुकाबले कुछ पद खाली हैं.
इससे पहले हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक समेत 13 न्यायाधीश कार्यरत बताए गए थे. तीन नई नियुक्तियों से अदालत की कार्यरत न्यायिक क्षमता में इजाफा हुआ है.
न्यायिक कामकाज के लिहाज से अहम नियुक्ति
झारखंड हाईकोर्ट में लंबित मामलों और नियमित न्यायिक कार्यों के बीच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम है. हालांकि, नियुक्तियों के बाद भी हाईकोर्ट की स्वीकृत क्षमता 25 न्यायाधीशों की तुलना में कार्यरत संख्या 16 ही है.
यानी 3 नई नियुक्तियों के बाद भी 9 स्वीकृत पदों पर नियुक्ति बाकी रहती है. यह आंकड़ा 25 स्वीकृत पद और 16 कार्यरत न्यायाधीशों के आधार पर है.
केंद्र की अधिसूचना के बाद नियुक्ति पूरी
केंद्र सरकार की अधिसूचना के साथ मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा की झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब तीनों न्यायिक अधिकारी हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे.

