‘मुश्किल समय में श्रीलंका के साथ खड़ा रहेगा भारत’, राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बोले राजनाथ

कोलंबो: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से औपचारिक शिष्टाचार मुलाकात की। इस वार्ता के दौरान उन्होंने कठिन परिस्थितियों में श्रीलंका के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने के भारत के दृढ़ संकल्प को पुनः दोहराया। उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को 'दिल और आत्मा का रिश्ता' करार देते हुए इस बात पर बल दिया कि भारत किसी भी संकट के समय इस द्वीपीय राष्ट्र की सहायता के लिए सदैव 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (सबसे पहला सहयोगी) रहा है।

संकट में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है भारत

राष्ट्रपति दिसानायके के साथ बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव एक सच्चे पड़ोसी और मित्र की भांति संकट की घड़ी में सबसे पहले हाथ बढ़ाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता और सरकार श्रीलंका के नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि वास्तविक मित्रता की पहचान सुख और दुख दोनों परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहयोग करने में है।

'ऑपरेशन सागर बंधु' का उल्लेख और द्विपक्षीय सहयोग

रक्षा मंत्री ने गत वर्ष आए चक्रवात के दौरान भारत द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान 'ऑपरेशन सागर बंधु' को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों और श्रीलंकाई प्रशासनिक एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों के चलते जनहानि को न्यूनतम किया जा सका और त्वरित राहत व चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सकी। उन्होंने रेखांकित किया कि श्रीलंका भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति और 'महासागर' (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के केंद्र बिंदु में स्थित है।

आर्थिक और तकनीकी सहयोग समझौते (ETCA) में तेजी लाने की मंशा

राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति दिसानायके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों के मध्य 'आर्थिक और तकनीकी सहयोग समझौते' (ETCA) को शीघ्रता से अंतिम रूप देने के पक्ष में है। रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों का यह सहयोग पूरे क्षेत्र में आर्थिक प्रगति और स्थिरता के नए द्वार खोलेगा।

श्रीलंका में भारतीय समुदाय को किया संबोधित, भारत के आर्थिक बदलाव को रेखांकित किया

अपने प्रवास के दौरान रक्षा मंत्री ने श्रीलंका में निवास कर रहे भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने भारत की वैश्विक आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि विगत दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न राष्ट्रों के साथ रणनीतिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापारिक समझौतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को $27 ट्रिलियन के वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने का कार्य किया है, जो भारत की बढ़ती कूटनीतिक और आर्थिक शक्ति का परिचायक है।

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