LAC पर चीन से बातचीत जारी,एफिल टावर विवाद पर विदेश मंत्रालय ने साफ किया रुख

Eiffel Tower controversy नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कई अहम अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया. प्रेस वार्ता में पेरिस के एफिल टावर से जुड़े BAPS विवाद, भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य स्तर की बातचीत और पाकिस्तान में प्रस्तावित 2027 SAF Games में भारत की भागीदारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

Eiffel Tower controversy : दो पक्षों का मामला 

एफिल टावर विवाद पर विदेश मंत्रालय ने खुद को पूरे घटनाक्रम से अलग रखते हुए इसे संबंधित पक्षों के बीच का मामला बताया. वहीं, चीन के साथ सीमा पर हालिया सैन्य बैठकों को लेकर विदेश मंत्रालय ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. पाकिस्तान में होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों में भारतीय दल की संभावित भागीदारी पर भी सरकार ने कहा कि फैसला खेल मंत्रालय की नीति, अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के निर्देश और भारतीय खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाएगा.

एफिल टावर विवाद पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

पेरिस में BAPS (Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha) के प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान एफिल टावर की कुछ महिला कर्मचारियों को कुछ क्षेत्रों से दूर रहने के लिए कहा गया था. इसको लेकर कर्मचारियों ने विरोध किया और एफिल टावर को एक दिन के लिए बंद भी करना पड़ा.

मंगलवार को इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से सवाल पूछा गया. उन्होंने कहा कि सरकार पेरिस क्षेत्र में BAPS संस्था की ओर से हाल ही में खोले गए मंदिर से जुड़े घटनाक्रम से अवगत है. हालांकि, एफिल टावर के अंदर हुए विशेष घटनाक्रम पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संबंधित संस्थाओं के बीच का मामला है.

यानी विदेश मंत्रालय ने इस विवाद में किसी तरह के प्रत्यक्ष सरकारी हस्तक्षेप या भारत सरकार की भूमिका से इनकार करते हुए मामले को संबंधित पक्षों के स्तर पर सुलझाए जाने का संकेत दिया है.

क्या है एफिल टावर विवाद?

रिपोर्टों के अनुसार, BAPS से जुड़े करीब 100 लोगों का प्रतिनिधिमंडल पेरिस में निजी दौरे के तहत एफिल टावर पहुंचा था. इसी दौरान महिला कर्मचारियों को कुछ स्थानों से हटाए जाने के आरोप सामने आए. इसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी पैदा हुई और विरोध के चलते एफिल टावर को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा.

फ्रांसीसी अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया और जांच की बात कही. BAPS की ओर से भी सफाई दी गई कि उसका उद्देश्य किसी कर्मचारी के साथ लैंगिक भेदभाव करना नहीं था और प्रतिनिधिमंडल के दौरे की व्यवस्था लोगों को असुविधा से बचाने के लिए की गई थी.

भारत-चीन LAC पर पहली बार अरुणाचल में वरिष्ठ सैन्य बैठक

विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में भारत-चीन सीमा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई. रणधीर जायसवाल ने बताया कि LAC पर वरिष्ठतम सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग 6 सितंबर को भारतीय क्षेत्र के अरुणाचल प्रदेश स्थित वाचा में और 7 सितंबर को चीनी क्षेत्र के दमाई में हुई.

यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया दौर में सैन्य संवाद का दायरा पूर्वी सेक्टर तक बढ़ता दिखाई दे रहा है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बातचीत भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में बनी सहमतियों तथा इसके बाद Working Mechanism for Consultation and Coordination (WMCC) के तहत हुई चर्चाओं के बाद हुई.

WMCC की बैठकें 2026 में बीजिंग और नई दिल्ली में हो चुकी हैं. विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि पश्चिमी सेक्टर में भी इसी तरह की व्यवस्था मौजूद है.

LAC पर सैन्य बातचीत क्यों अहम?

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से दोनों देशों के संबंधों में संवेदनशील मुद्दा रहा है. ऐसे में वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के बीच सीधे संवाद का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाले तनाव को बातचीत के माध्यम से नियंत्रित करना है.

अरुणाचल प्रदेश में इस स्तर की बैठक को भारत-चीन सीमा प्रबंधन तंत्र के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है. इससे पहले सैन्य स्तर की बातचीत का प्रमुख केंद्र पूर्वी लद्दाख रहा है.

2027 SAF Games में भारत जाएगा या नहीं? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

प्रेस वार्ता में पाकिस्तान में प्रस्तावित 2027 South Asian Federation (SAF) Games में भारत की भागीदारी को लेकर भी सवाल पूछा गया.

इस पर रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय या बहुपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी युवा मामले और खेल मंत्रालय की घोषित नीति, संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के निर्देशों और भारतीय खिलाड़ियों के हितों के आधार पर तय होगी.

उन्होंने संकेत दिया कि केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों को आधार बनाकर किसी बहुपक्षीय प्रतियोगिता के बारे में फैसला नहीं किया जाएगा. इसमें खेल नीति और अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों के नियम भी महत्वपूर्ण होंगे.

पाकिस्तान में कब होंगे SAF Games?

मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार पाकिस्तान को 2027 South Asian Games की मेजबानी करनी है. प्रस्तावित आयोजन 3 से 11 अप्रैल 2027 के बीच इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में होना है. यह प्रतियोगिता पहले कई बार टल चुकी है.

भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल गतिविधियों को लेकर भारत की नीति फिलहाल अलग है. मई 2026 में खेल मंत्रालय ने द्विपक्षीय खेल मुकाबलों को दोबारा शुरू करने से इनकार किया था, जबकि बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दोनों देशों के खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की व्यवस्था जारी रखने की बात कही गई थी.

इसलिए 2027 SAF Games में भारत की भागीदारी का अंतिम फैसला भविष्य में संबंधित नीति और परिस्थितियों के आधार पर होने की संभावना है.

विदेश मंत्रालय का संदेश क्या है?

मंगलवार की प्रेस ब्रीफिंग से भारत का रुख तीन अहम मुद्दों पर स्पष्ट हुआ.

पहला, पेरिस के एफिल टावर से जुड़ा BAPS विवाद भारत सरकार के हस्तक्षेप का विषय नहीं है और विदेश मंत्रालय इसे संबंधित संस्थाओं के बीच का मामला मानता है.

दूसरा, चीन के साथ LAC पर सैन्य और कूटनीतिक संवाद जारी है। अरुणाचल प्रदेश में वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की बैठक इस संवाद प्रक्रिया के विस्तार का संकेत देती है.

तीसरा, पाकिस्तान में 2027 SAF Games में भारत की भागीदारी पर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। सरकार खेल मंत्रालय की नीति, अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के नियम और भारतीय खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखकर फैसला करेगी.

कुल मिलाकर, विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में भारत ने संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सावधानीपूर्ण और मुद्दा-विशेष रुख अपनाया। जहां एफिल टावर विवाद से दूरी बनाई गई, वहीं चीन के साथ सीमा प्रबंधन के लिए सैन्य संवाद जारी रखने और पाकिस्तान से जुड़े बहुपक्षीय खेल आयोजन पर नीति आधारित निर्णय लेने की बात कही गई.

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