₹1,912 करोड़ के मालिक भगवान जगन्नाथ! 60,821 एकड़ जमीन, रत्न भंडार अलग… जानें देश के 5 सबसे धनवान मंदिर

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की संपत्ति से जुड़े ताजा आंकड़ों ने हर किसी का ध्यान खींचा है. मंदिर प्रशासन के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक मंदिर के बैंक खातों में करीब ₹1,911.80 करोड़ जमा थे, जबकि देशभर में मंदिर के नाम 60,821 एकड़ जमीन दर्ज है. खास बात यह है कि रत्न भंडार में सुरक्षित सोना, हीरे और अन्य बहुमूल्य आभूषण इस आंकड़े से अलग हैं और उनकी सूची तैयार करने का काम जारी है. ऐसे में सवाल उठता है कि देश के सबसे धनवान मंदिरों में जगन्नाथ मंदिर का स्थान क्या है और इसके बाद कौन-कौन से मंदिर संपत्ति के मामले में आगे हैं?

भगवान जगन्नाथ के ₹1911.80 करोड़ बैंक में जमा
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक मंदिर के बैंक खातों में करीब ₹1,911.80 करोड़ जमा थे. इनमें ₹1,811.10 करोड़ फिक्स्ड डिपॉजिट में थे, जबकि करीब ₹100.71 करोड़ सेविंग, करंट और फ्लेक्सी खातों में थे. इसके अलावा मंदिर के नाम पर देशभर में 60,821 एकड़ जमीन दर्ज है. खास बात यह है कि यह आंकड़ा मंदिर के रत्न भंडार में रखे सोने, हीरे और अन्य बहुमूल्य आभूषणों से अलग है. रत्न भंडार की बहुमूल्य वस्तुओं की सूची और सत्यापन की प्रक्रिया लंबे अंतराल के बाद की जा रही है, इसलिए इनका मौजूदा कुल मूल्य अलग से सार्वजनिक नहीं हुआ है. लेकिन सवाल है कि जगन्नाथ मंदिर के बाद देश के कौन-कौन से मंदिर सबसे ज्यादा संपत्ति वाले माने जाते हैं?
1. श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल
केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक खजानों में से एक के लिए प्रसिद्ध है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंदिर के तहखानों की सूची तैयार किए जाने के बाद यहां सोने की मूर्तियां, हीरे-जवाहरात, पुराने सिक्के और बहुमूल्य आभूषण सामने आए थे. पांच तहखानों की सूची से जुड़े खजाने का अनुमानित मूल्य ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक बताया जाता है, जबकि एक तहखाना अब भी अलग स्थिति में है.

2. तिरुमला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर
आंध्र प्रदेश का तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) संपत्ति और सालाना आय के लिहाज से देश के सबसे बड़े धार्मिक संस्थानों में शामिल है. यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भारी मात्रा में नकद, सोना तथा अन्य चढ़ावा आता है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार TTD की कुल संपत्ति करीब ₹2.26 लाख करोड़ तक बताई गई है और सालाना राजस्व ₹5,000 करोड़ से अधिक रहा है.

3. शिरडी साईं बाबा मंदिर
महाराष्ट्र का श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट, शिरडी भी देश के प्रमुख धनवान मंदिर ट्रस्टों में गिना जाता है. यहां भक्तों द्वारा नकद के साथ सोना और चांदी भी चढ़ाई जाती है. उपलब्ध अनुमानों में ट्रस्ट की संपत्ति ₹2,500-3,000 करोड़ के आसपास बताई गई है.
4. वैष्णो देवी मंदिर
जम्मू-कश्मीर की त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण यहां हर साल भारी चढ़ावा आता है. मंदिर प्रशासन के पास दान के अलावा आवास और तीर्थयात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं से भी आय होती है. उपलब्ध आंकड़ों में इसकी संपत्ति ₹2,000 करोड़ से अधिक बताई गई है.
5. गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर
केरल का गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर भी देश के संपन्न मंदिरों में शामिल है. मंदिर के पास सोना, जमीन और बैंक जमा जैसी संपत्तियां हैं. उपलब्ध अनुमानों के अनुसार इसकी संपत्ति करीब ₹1,700-2,500 करोड़ के बीच बताई जाती है.
आखिर कौन है सबसे धनवान?
इस सवाल का एक ही निश्चित जवाब देना मुश्किल है, क्योंकि मंदिरों की संपत्ति का आकलन अलग-अलग तरीके से किया जाता है. ऐतिहासिक खजाने के आधार पर पद्मनाभस्वामी मंदिर का नाम सबसे ऊपर आता है, जबकि ट्रस्ट की कुल संपत्ति और सालाना आय के लिहाज से तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बेहद आगे है. वहीं जगन्नाथ मंदिर के ताजा आंकड़े उसकी विशाल जमीन और बैंक जमा की वजह से उसे देश के सबसे बड़े धार्मिक संपत्ति वाले संस्थानों में शामिल करते हैं.

 

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