Pilibhit Tiger Reserve पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. जिले के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इसी बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के महोफ रेंज में भी बारिश का पानी भर गया है. उत्तराखंड बॉर्डर से सटे इलाके में लगातार हुई तेज बारिश के बाद पानी रिजर्व के जंगल क्षेत्र में पहुंचा है.
हालांकि वन विभाग का कहना है कि फिलहाल जलभराव से वन्यजीवों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है. वन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बारिश का पानी भर गया। डीएफओ मनीष सिंह ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया जलभराव से वन्यजीवों को कोई खतरा नहीं ,वन कर्मियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। बारिश के कारण उत्तराखंड से पानी आ रही है। #Pilibhit #PilibhitTigerReserve@RJMediaGroups pic.twitter.com/NGRTQEhFwV
— RJ Media Group (@RJMediaGroups) September 2, 2026
Pilibhit Tiger Reserve:महोफ रेंज में भरा बारिश का पानी
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के उत्तराखंड सीमा से लगे महोफ रेंज में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी है. बताया जा रहा है कि उत्तराखंड क्षेत्र में हुई बारिश का पानी भी बहकर पीलीभीत की ओर आ रहा है, जिससे रिजर्व के कुछ हिस्सों में पानी जमा हुआ है.
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि जलभराव की स्थिति पर वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है. वनकर्मियों की टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. फिलहाल किसी वन्यजीव के संकट में होने की सूचना नहीं है.
पीलीभीत टाइगर रिजर्व तराई क्षेत्र में स्थित है और यहां के जंगलों में नदियों तथा बरसाती जल के कारण समय-समय पर जलभराव होना असामान्य नहीं है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार रिजर्व का क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा और हिमालय की तलहटी से लगे तराई क्षेत्र में है.
शारदा नदी में बढ़ा जलस्तर, गांवों में घुसा पानी
पीलीभीत में बारिश के साथ-साथ नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी गंभीर हुआ है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक शारदा नदी में बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. कई नदी किनारे बसे गांवों में पानी पहुंच गया है और प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
2 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार शारदा और देवहा नदियों में भी पानी बढ़ा है. कुछ इलाकों में ग्रामीणों को जलभराव और बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी में हैं.
शारदा में 1.92 लाख और देवहा में 34 हजार क्यूसेक पानी
ताजा स्थानीय अपडेट के अनुसार शारदा नदी में करीब 1.92 लाख क्यूसेक और देवहा नदी में करीब 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है. इसके बाद नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है.
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी की तेज धार से कटान का खतरा भी बढ़ गया है. नौजलिया नंबर एक क्षेत्र में नदी की धार से कृषि भूमि के कटने की सूचना सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ी है.
स्कूलों में भी घोषित हुई छुट्टी
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पीलीभीत प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को 2 सितंबर को बंद रखने का आदेश दिया था. भारी बारिश के कारण जिले के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
इससे पहले बारिश के कारण शहर और कस्बों के कई हिस्सों में सड़कें और निचले इलाके पानी से प्रभावित हुए थे. 1 सितंबर की रिपोर्टों में जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ की आशंका बढ़ने और कई स्थानों पर जलभराव की जानकारी सामने आई थी.
वन्यजीवों पर वन विभाग की पैनी नजर
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पानी भरने की खबर के बाद वन विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वन्यजीवों को किसी तरह का खतरा नहीं है, लेकिन बारिश और जलस्तर को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है.
वनकर्मियों की टीमें जंगल के संवेदनशील हिस्सों में गश्त कर रही हैं. खासतौर पर उन क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है जहां जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है या वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन के रास्ते प्रभावित हो सकते हैं.
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में साल के जंगल, घास के मैदान और दलदली क्षेत्र हैं तथा यहां नदियों और जल स्रोतों का महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है. आधिकारिक जिला वेबसाइट के अनुसार रिजर्व तराई आर्क लैंडस्केप का हिस्सा है और इसके आसपास शारदा समेत कई जल प्रणालियां मौजूद हैं.
उत्तराखंड से आ रहे पानी पर भी निगरानी
महोफ रेंज उत्तराखंड सीमा के नजदीक होने के कारण वहां बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी भी स्थिति को प्रभावित करता है. मौजूदा हालात में वन विभाग और जिला प्रशासन दोनों स्तरों पर निगरानी की जा रही है.
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास के आबादी वाले इलाकों में बढ़ता बाढ़ का खतरा है. प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है.
पीलीभीत में अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और संभावित बाढ़ को लेकर अगले कुछ दिनों तक सतर्कता जारी रहने की संभावना है. ताजा मौसम अपडेट के अनुसार प्रदेश में 6 सितंबर तक भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को लेकर अलर्ट जारी है. ऐसे में पीलीभीत जैसे तराई और नदी प्रभावित जिले में प्रशासन तथा वन विभाग की चुनौती बढ़ सकती है.
फिलहाल पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पानी भरने के बावजूद वन विभाग का कहना है कि वन्यजीव सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है. अधिकारियों की नजर जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार बनी हुई है.
फिलहाल स्थिति ये है कि पीलीभीत में भारी बारिश ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं शारदा और देवहा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है. दूसरी ओर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज में भी पानी पहुंच गया है. वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है.हलांकि फिलहाल वन्यजीवों को कोई खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन बारिश और उत्तराखंड से आने वाले पानी को देखते हुए खतरे की आशंका बनी हुई है.

