नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व देश की नई पीढ़ी, विशेषकर युवाओं की आकांक्षाओं को प्राथमिकता पर रखते हुए भावी सरकारों की कमान 60 साल से कम उम्र के नेताओं को सौंपने की योजना बना रहा है। आगामी सात राज्यों के विधानसभा चुनावों में यह बदलाव प्रमुखता से देखने को मिल सकता है।
युवा नेतृत्व पर जोर और आगामी चुनाव रणनीति
भाजपा के वर्तमान 17 मुख्यमंत्रियों में से केवल पांच की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (47 वर्ष) सबसे युवा, जबकि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा (73 वर्ष) सबसे वरिष्ठ हैं। संगठन स्तर पर नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपे जाने के बाद पार्टी ने नई पीढ़ी को आगे लाने का स्पष्ट संकेत दे दिया है।
भावी चेहरे: गुजरात में उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी प्रमुख युवा चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में भी पार्टी युवा नेतृत्व को आगे रख सकती है।
अपवाद: राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर कुछ राज्यों में आयु सीमा के नियम में छूट दी जा सकती है।
उत्तर प्रदेश: 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित “सेवा संकल्प अभियान” 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में अभियान की रूपरेखा तय की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल हुए।

