गंगा में पलटी मजदूरों से भरी नाव, 18 लोग थे सवार; छह अब भी लापता

भागलपुर: नवगछिया पुलिस जिला के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर इलाके में गंगा नदी में एक बड़ा नाव हादसा पेश आया है। बाढ़ सुरक्षा (फ्लड फाइटिंग) कार्य के दौरान मजदूरों को लेकर जा रही एक नाव तेज धारा में अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे नदी में अफरा-तफरी मच गई।

गंगा की तेज धारा में पलटी मजदूरों की नाव

जानकारी के अनुसार, राघोपुर में गंगा नदी पार कर रहे मजदूरों की नाव अचानक तेज बहाव के बीच संतुलन खो बैठी और पलट गई। इस हादसे में कुल 21 लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। शुरुआती दौर में कई लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी के बाद एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, इस दुर्घटना में सिकंदर मंडल और बादल मंडल अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

प्रशासन की सख्ती और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश

घटना की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे हालात का जायजा लिया। डीएम ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को बेहद सख्ती से लिया है। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया है कि संबंधित ठेकेदारों और वेंडर्स के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। प्रशासन का कहना है कि काम के दौरान मजदूरों को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य किया गया था, लेकिन इस नियम की अनदेखी की गई, जो इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बनी।

नावों के इस्तेमाल पर रोक और सुरक्षा के नए निर्देश

इस दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाए हैं। फ्लड फाइटिंग के कामों में अब नावों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। कटाव स्थल तक जियो बैग पहुंचाने के लिए अब केवल ट्रैक्टरों का ही उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी मजदूर को इस तरह के जोखिम भरे काम में नहीं लगाया जाएगा। फिलहाल, गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल पर बना हुआ है, और लापता दोनों मजदूरों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार खोजबीन कर रही है।

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