पटना में हथियार और 30 जिंदा कारतूस के साथ तीन गिरफ्तार

पटना। पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन देशी कट्टा, एक 7.65 एमएम पिस्टल और कुल 30 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और एक ग्लैमर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है और वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में जुटे थे। पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त 2026 की रात करीब 12:20 बजे सूचना मिली थी कि पंडारक थाना क्षेत्र के बमपुर पुल के पास संजय यादव और उसके कुछ सहयोगी हथियारों के साथ जुटे हैं। सूचना के आधार पर आशंका जताई गई कि वे किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बमपुर पुल के पास पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए।

– तीन आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पंडारक थाना क्षेत्र के बमपुर गांव निवासी संजय यादव, सिंदु कुमार उर्फ रवि कुमार और अजय कुमार उर्फ चिकन के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, संजय यादव की उम्र करीब 42 वर्ष है। पुलिस ने बताया कि संजय यादव के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, सिंदु कुमार उर्फ रवि कुमार के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस तीनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

– हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान तीन देशी कट्टा और एक 7.65 एमएम पिस्टल बरामद हुई। इसके अलावा 7.65 एमएम की पांच और 8 एमएम केएफ की 25 जिंदा गोलियां बरामद की गईं। कुल 30 जिंदा कारतूस पुलिस के हाथ लगे हैं। तीन मोबाइल फोन और एक ग्लैमर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों के पास हथियार और कारतूस कहां से पहुंचे थे और उनका इस्तेमाल किस आपराधिक गतिविधि में किया जाना था। हथियारों की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

– थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
कार्रवाई पंडारक थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक नवनीत राय के नेतृत्व में की गई। छापेमारी दल में पुलिस अवर निरीक्षक रवि कुमार, सहायक अवर निरीक्षक उमेश तिवारी और सहायक अवर निरीक्षक सुधीर कुमार भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना पर समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित आपराधिक घटना को टालने में सफलता मिली। फिलहाल तीनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क, हथियारों के स्रोत और संभावित योजना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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