छत्तीसगढ़ में आएगा ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश! CM विष्णु देव साय ने बताया सरकार का बड़ा आर्थिक रोडमैप

8 lakh crore Investment Chhattisgarh नई दिल्ली/रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में जुटी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ की आर्थिक संभावनाओं और भविष्य की विकास रणनीति का खाका पेश किया. उन्होंने बताया कि राज्य को पिछले करीब 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इन प्रस्तावों में AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल, एग्रो-प्रोसेसिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों के साथ पारंपरिक उद्योग भी शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि इन निवेशों को रोजगार, नए कारोबार, बेहतर आय और युवाओं के लिए अवसरों में बदलना है.

8 lakh crore Investment Chhattisgarh:6.31 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़

CM साय के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब ₹6.31 लाख करोड़ तक पहुंच गया है. राज्य की आर्थिक विकास दर 11.57 प्रतिशत बताई गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर करीब ₹1.79 लाख हो गई है. सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ का बजट रखा है, जिसमें बुनियादी ढांचे, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है.

सरकार का जोर सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर है, ताकि बड़े निवेशकों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी बेहतर माहौल तैयार किया जा सके.

केवल खनिज आधारित अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय से खनिज संपदा और पारंपरिक उद्योगों वाले राज्य के तौर पर रही है. अब सरकार अर्थव्यवस्था को वैल्यू एडिशन और तकनीक आधारित उद्योगों की तरफ ले जाना चाहती है.

नई रणनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, फार्मा, आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप को प्रमुख विकास क्षेत्र बनाया जा रहा है.

इसका मतलब यह है कि राज्य से केवल कच्चा माल बाहर भेजने के बजाय उसके प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्योग पैदा करने की कोशिश होगी.

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

साय सरकार ने युवाओं को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ नहीं बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना चाहती है.

इसके लिए 2030 तक 5,000 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई है.

सरकार की कोशिश है कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करके युवाओं के लिए रोजगार तलाशने के बजाय खुद रोजगार पैदा करने के अवसर बढ़ाए जाएं.

6 लाख विद्यार्थियों को AI की ट्रेनिंग

छत्तीसगढ़ सरकार की नई आर्थिक रणनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी खास जगह दी गई है. सरकार 6 लाख विद्यार्थियों को AI प्रशिक्षण देने की योजना पर काम कर रही है.

इसके अलावा नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क, 100 AI डेटा लैब और पांच एक्सीलेंस सेंटर विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया है. सरकार का लक्ष्य तकनीक को शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं से जोड़ना है.

बस्तर को भी नई अर्थव्यवस्था से जोड़ने की तैयारी

CM साय ने बस्तर को भी राज्य की नई आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. सरकार पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और जनजातीय क्षेत्रों की आर्थिक क्षमता को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दे रही है.

इसका उद्देश्य बस्तर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और उत्पादों का बेहतर मूल्य हासिल करना तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है.

ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों पर जोर

छत्तीसगढ़ सरकार अब ग्रीन एनर्जी को भी विकास के प्रमुख इंजन के रूप में देख रही है. हाल के निवेश प्रस्तावों में ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर, सेमीकंडक्टर, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में रुचि सामने आई है. इससे राज्य की पारंपरिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उद्योगों से जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है.

निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना होगी सरकार की अगली चुनौती

₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ के लिए निश्चित रूप से बड़ा आंकड़ा हैं, लेकिन इन प्रस्तावों को वास्तविक निवेश में बदलना सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौती होगी.

सरकार का फोकस अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, तेज मंजूरी, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाओं को मजबूत करने पर है. जून 2026 में हैदराबाद के निवेशक कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ को डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव मिले थे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नई आर्थिक रणनीति का केंद्र अब निवेश + तकनीक + युवा + रोजगार + वैल्यू एडिशन है. ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के साथ अगर ये परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो छत्तीसगढ़ की औद्योगिक तस्वीर में बड़ा बदलाव आ सकता है. खासतौर पर AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप जैसे क्षेत्र राज्य को पारंपरिक खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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