मसूरी में आधी रात बड़ा हादसा टला, होटल की छत पर गिरा सूखा पेड़; बाल-बाल बचे पर्यटक

Mussoorie Mall Road  मसूरी  : उत्तराखंड की पर्यटन नगरी मसूरी में लगातार बारिश के बीच शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. शहर की व्यस्त माल रोड पर रात करीब 3 बजे एक सूखा पेड़ अचानक टूटकर होटल की छत पर जा गिरा. पेड़ की चपेट में आने से होटल की छत, वहां खड़ी कार और कुछ सामान को नुकसान पहुंचा है. गनीमत रही कि हादसे के समय माल रोड पर लोगों की आवाजाही बेहद कम थी और पर्यटक सुरक्षित बच गए.

माल रोड मसूरी का प्रमुख पर्यटन और बाजार क्षेत्र है, जहां दिनभर पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है. ऐसे में यदि यह हादसा दिन के व्यस्त समय में हुआ होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. उत्तराखंड पर्यटन विभाग भी माल रोड को मसूरी के मुख्य शॉपिंग क्षेत्र के तौर पर बताता है.

Mussoorie Mall Road:लोहे की रेलिंग से टकराकर होटल पर गिरा पेड़

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात सूखा पेड़ अचानक टूट गया. पेड़ पहले माल रोड की लोहे की रेलिंग से टकराया और इसके बाद होटल की छत पर जा गिरा.

पेड़ गिरने की तेज आवाज से आसपास हड़कंप मच गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची. फायर सर्विस के जवानों ने कटर की मदद से पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जा सका.

होटल की छत और कार को नुकसान

पेड़ गिरने से होटल की छत क्षतिग्रस्त हो गई. इसके अलावा नीचे खड़ी एक कार और कुछ अन्य सामान भी पेड़ की चपेट में आ गए.

होटल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय होटल में पर्यटक ठहरे हुए थे. हालांकि पेड़ के होटल की छत पर गिरने के बावजूद किसी पर्यटक के घायल होने की सूचना नहीं है.

दिन में होता हादसा तो बढ़ सकता था खतरा

माल रोड मसूरी के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है. यहां पर्यटक खरीदारी, खान-पान और घूमने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. ऐसे में रात के समय हादसा होने के कारण एक बड़ा खतरा टल गया.

स्थानीय स्तर पर अब मसूरी के अलग-अलग इलाकों में मौजूद सूखे और कमजोर पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाने की मांग फिर तेज हो गई है. नगर पालिका की ओर से वन विभाग से ऐसे पेड़ों को हटाने की अनुमति मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई है.

बारिश के बीच बढ़ा भूस्खलन और पेड़ गिरने का खतरा

मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच सड़क धंसने और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. रविवार को पानी वाले बैंड क्षेत्र में सड़क का हिस्सा धंसने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई. लोक निर्माण विभाग की टीम ने मलबा हटाकर यातायात को एक तरफ से बहाल किया, लेकिन संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों पर रोक जारी रखी गई.

इससे पहले मसूरी-देहरादून मार्ग के पानी वाले बैंड पर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित होने की खबर भी सामने आई थी. लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क धंसने, मलबा आने और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ जाता है.

प्रशासन के सामने पेड़ों की सुरक्षा बड़ी चुनौती

मसूरी जैसे पहाड़ी और पर्यटक शहर में पेड़ पर्यावरण और प्राकृतिक सुंदरता का अहम हिस्सा हैं, लेकिन सूखे और जर्जर पेड़ बारिश और तेज हवाओं के दौरान खतरा बन सकते हैं.

ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने चुनौती यह है कि पेड़ों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए. खासकर माल रोड, बाजार क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों और पर्यटकों की आवाजाही वाले स्थानों पर कमजोर पेड़ों की समय-समय पर जांच जरूरी है.

पर्यटकों को भी सतर्क रहने की जरूरत

मानसून के दौरान मसूरी आने वाले पर्यटकों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का ध्यान रखना चाहिए. भारी बारिश के समय पेड़ों के नीचे वाहन खड़ा करने या लंबे समय तक खड़े रहने से बचना सुरक्षित है.

इसके अलावा पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं को देखते हुए यात्रा से पहले स्थानीय सड़क स्थिति और प्रशासन की ताजा सूचना की जांच करना भी जरूरी है.

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