कीटनाशक यूनिट पर कृषि विभाग की छापेमारी, एक्सपायरी दवाओं के साथ प्रतिबंधित पैकेजिंग मिली

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग ने कीटनाशक दवाओं के निर्माण और बिक्री में नियमों की गंभीर अनदेखी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोरिदभाट (Soridbhat) स्थित 'भारतीय रासायनिक उद्योग' (Bharatiya Rasayan Udyog) की कीटनाशक निर्माण इकाई का राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर अवधि पार (एक्सपायरी) हो चुके कीटनाशकों का भारी मात्रा में भंडारण और कई अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से इकाई को सील कर दिया है और कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगा दी है।

एक्सपायरी कीटनाशक और प्रतिबंधित पैकेजिंग बरामद

खरीफ सीजन के मद्देनजर कृषि विभाग जिलेभर में कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और बिक्री की सघन जाँच कर रहा है। इसी अभियान के तहत संचालक कृषि के निर्देशानुसार संयुक्त निरीक्षण दल ने इस इकाई का दौरा किया था। जाँच के दौरान टीम को यूनिट के भीतर ऐसे कीटनाशक मिले जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री भी मौके से बरामद की गई। हैरानी की बात यह है कि निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली थोक सामग्री से संबंधित किसी भी कंपनी का अनुबंध पत्र (Agreement) भी निरीक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

दस्तावेजों का अभाव और नियमों का उल्लंघन

जाँच में यह बात भी सामने आई कि प्रबंधन द्वारा निर्धारित मासिक जानकारी समय पर प्रस्तुत नहीं की जा रही थी और प्रयोगशाला (Laboratory) के संचालन से जुड़े अनिवार्य दस्तावेज भी गायब थे। विभाग ने इन सभी खामियों को कीटनाशी अधिनियम और निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन माना है।

यूनिट सील, उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए

कृषि विभाग ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और पूरी इकाई को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही, निर्माण इकाई से तैयार किए गए कीटनाशी उत्पादों के नमूने (Samples) जब्त कर लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए 'कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला' भेजा गया है। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से जाँच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: मोनेश साहू

कृषि विभाग के अधिकारी मोनेश साहू ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक कृषि आदान (Agri-inputs) उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कीटनाशक विक्रेताओं और कृषि आदान प्रतिष्ठानों की यह जाँच आगे भी निरंतर जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विक्रय प्रतिबंध, लाइसेंस निलंबन से लेकर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विक्रेताओं और किसानों के लिए निर्देश

विभाग ने सभी कीटनाशक विक्रेताओं और निर्माताओं को केवल पंजीकृत एवं मानक उत्पादों का ही भंडारण और विक्रय करने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही, किसानों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी दुकान से कीटनाशक खरीदने से पहले उसके लेबल, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी तिथि तथा पंजीयन संबंधी जानकारी की भली-भांति जाँच जरूर कर लें। किसी भी संदिग्ध उत्पाद या प्रतिष्ठान की सूचना तुरंत कृषि विभाग को देने की सलाह दी गई है।

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