मध्य प्रदेश में शिक्षा सुधार पर कांग्रेस का फोकस, जीतू पटवारी ने सरकार से मांगी ठोस कार्ययोजना

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था की एक व्यापक और गंभीर समीक्षा कराने की जोरदार माँग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के हर स्तर पर अब गंभीरता से विचार करने और ठोस प्रशासनिक सुधार लागू करने की सख्त जरूरत है।

दतिया उपचुनाव के जनादेश का जिक्र

कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हालिया दतिया विधानसभा उपचुनाव के जनादेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जनता सिर्फ कोरे वादे नहीं, बल्कि पारदर्शी शासन, जवाबदेही और जमीनी परिणाम चाहती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इससे पहले 4 अगस्त को भी एक पत्र लिखकर प्रदेश की बुनियादी चुनौतियों पर तथ्य-आधारित सार्वजनिक संवाद और 'श्वेत-पत्र' (White Paper) जारी करने की परंपरा शुरू करने का आग्रह किया था।

शिक्षा के इन क्षेत्रों में समीक्षा की पुरजोर माँग

जीतू पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए कई प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए उनकी समीक्षा की माँग की है:

  • आंगनवाड़ी एवं प्रारंभिक शिक्षा: बच्चों की बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन।

  • सरकारी स्कूलों की स्थिति: स्कूलों में घटता नामांकन, शिक्षकों की भारी कमी और उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता।

  • विद्यार्थियों की क्षमता: बच्चों की सीखने की क्षमता (Learning Outcomes) और आधुनिक परीक्षा व्यवस्था में सुधार।

  • उच्च शिक्षा एवं तकनीकी क्षेत्र: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा को बेहतर बनाना।

  • प्रतियोगिताएँ और रोजगार: प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, डिजिटल शिक्षा का विस्तार तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच का डिजिटल अंतर पाटना।

  • छात्रवृत्ति और कौशल विकास: छात्रों की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करना, रोजगारोन्मुख शिक्षा, कौशल विकास तथा शोध व नवाचार (Research & Innovation) की स्थिति को मजबूत करना।

विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद की जरूरत

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि सरकार को शिक्षा को केवल एक सामान्य विभाग के रूप में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के भविष्य की मुख्य बुनियाद के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने विशेषज्ञों, अनुभवी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने की बात कही है। साथ ही, एक समयबद्ध और लक्ष्य-आधारित कार्ययोजना तैयार कर उसकी प्रगति रिपोर्ट जनता के सामने रखने पर जोर दिया है।

सकारात्मक विपक्ष की भूमिका

अपने बयान के अंत में जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी एक रचनात्मक और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार के हर उस कदम में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है, जिससे प्रदेश के बच्चों और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके। उन्होंने कहा कि अब आरोप-राजतिलक और बयानबाजी से आगे निकलकर ठोस तथ्यों पर बात करने और स्थायी समाधान तलाशने का समय आ गया है।

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