गुरुग्राम: नगर निगम गुरुग्राम (MCG) की ओर से शहर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त और साफ-सुथरा बनाने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान मंगलवार को भी लगातार जारी रहा। निगम की अलग-अलग इंफोर्समेंट टीमों ने शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया। निगम अधिकारियों ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धनवापुर, सेक्टर-56-57 और सेक्टर-34 में गरजा बुलडोजर
कार्रवाई के पहले चरण में जोन-3 के अंतर्गत आने वाले धनवापुर क्षेत्र में निगम की टीम ने विशेष अभियान चलाकर दुकानों, होटलों और सड़क किनारे बने ढाबों के बाहर लगाए गए अवैध अस्थायी शेड तथा अन्य अतिक्रमणों को हटवाया। इस कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक रास्तों को पूरी तरह खाली कराया गया, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की आवाजाही सुचारु हो सके।
इसके अलावा, निगम की प्रवर्तन टीम ने सेक्टर-56/57 की डिवाइडिंग रोड, व्यस्त हांगकांग मार्केट के आसपास और औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-34 में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। यहां सड़क किनारे किए गए अतिक्रमणों को हटाकर रास्तों को बाधामुक्त किया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़कों और फुटपाथों पर होने वाले कब्जों के कारण आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
न्यू कॉलोनी में तोड़े गए रैंप और अवैध सीढ़ियां
अभियान के दौरान न्यू कॉलोनी क्षेत्र में भी निगम की टीम ने अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया। इस इलाके में सार्वजनिक भूमि पर किए गए अनधिकृत कब्जों के साथ-साथ मकानों और दुकानों के बाहर बनाए गए अवैध रैंप, सीढ़ियों और छज्जों को हटाने की कार्रवाई की गई। नगर निगम की ओर से स्थानीय दुकानदारों और निवासियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे सार्वजनिक स्थानों या रास्तों का उपयोग अपने निजी लाभ, व्यावसायिक गतिविधियों या भवनों के अवैध विस्तार के लिए बिल्कुल न करें।
नियमित निगरानी के साथ आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शहर की मुख्य सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अतिक्रमण के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। क्षेत्रों में नियमित रूप से निगरानी रखी जाएगी और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कड़े प्रशासनिक और नियमानुसार कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

