ऑपरेशन सिंदूर पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- भारत को कमजोर समझना भारी पड़ेगा

Operation Sindoor नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है. डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूमेंट्री सीरीज “Declassified: Operation Sindoor” में डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जोखिम उठाने और जरूरत पड़ने पर दुश्मन पर कड़ा प्रहार करने में सक्षम है, चाहे इसके परिणाम कुछ भी हों.

Operation Sindoor का उद्देश्य क्या था?

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार दिए गए अपने इंटरव्यू में अजीत डोभाल ने बताया कि सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के उन ठिकानों को नष्ट करना था, जो पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े थे.

 उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का लक्ष्य स्पष्ट रूप से तय किया गया था. उन्होंने कहा, “हमने ऑपरेशन का उद्देश्य दुश्मन के उन कैंपों को नष्ट करना तय किया था, जो खास तौर पर पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे.”

‘भारत को कमजोर समझना बड़ी भूल’

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के संदेश पर डोभाल ने कहा कि दुनिया को यह समझना चाहिए कि भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं माना जा सकता.

उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठा सकता है और जरूरत पड़ने पर कड़ा प्रहार भी कर सकता है. डोभाल के मुताबिक, कार्रवाई के संभावित परिणामों की परवाह किए बिना भारत अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा करने में सक्षम है.

डॉक्यूमेंट्री में सामने आएंगे ऑपरेशन के फैसले

डिस्कवरी की दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री “Declassified: Operation Sindoor” में भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व से जुड़े लोगों के प्रत्यक्ष अनुभव शामिल किए गए हैं. इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों और भारत की सैन्य प्रतिक्रिया के पीछे की रणनीति को सामने लाने की कोशिश की गई है.

डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ऑपरेशन से जुड़े निर्णय लेने की प्रक्रिया और भारत की सैन्य प्रतिक्रिया के पीछे मौजूद संकल्प के बारे में जानकारी देते नजर आएंगे.

क्या था ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को हुई थी. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद की गई थी. भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद कई आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए सटीक हमले किए थे.

इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई. जवाब में भारतीय सेना ने कई जवाबी कार्रवाई की। दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के दौरान ये कार्रवाइयां ऑपरेशन सिंदूर के तहत जारी रहीं.

भारत और पाकिस्तान के बीच यह सैन्य टकराव करीब 88 घंटे तक चला. 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच बनी सहमति के बाद सैन्य कार्रवाई को रोक दिया गया.

अजीत डोभाल का बयान क्यों अहम?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद एनएसए अजीत डोभाल का यह पहला इंटरव्यू बताया जा रहा है. ऐसे में उनका बयान भारत की रणनीति, आतंकवाद के खिलाफ नीति और सैन्य कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. डोभाल ने अपने बयान के जरिए स्पष्ट किया कि भारत की संयम और सहनशीलता की नीति को उसकी सैन्य क्षमता या दृढ़ संकल्प की कमी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

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