इंदौर। कांवड़ यात्रा में बढ़ रहे नशे के चलन, अश्लील डांस और तेज आवाज वाले डीजे को लेकर साध्वी हर्षा रिछारिया का नया वीडियो सामने आने के बाद बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक गोलू शुक्ला की बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा में भाग लेने के कुछ ही दिनों बाद हर्षा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर धार्मिक आयोजनों के बदलते स्वरूप पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा का मूल उद्देश्य शिव भक्ति और आस्था होना चाहिए, न कि मनोरंजन या नशा।
हरिद्वार की यात्राओं और 'नशे' पर उठाए गंभीर सवाल
साध्वी हर्षा रिछारिया ने अपने वीडियो में विशेष रूप से हरिद्वार से निकलने वाली कांवड़ यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा:
नशे पर लगे बैन: कांवड़ यात्रा के दौरान शराब, गांजा या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों पर सरकार को कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशे में धुत होकर चलने वाले लोगों को 'कांवड़िया' कहना ही गलत है।
तेज डीजे और आपत्तिजनक डांस: यात्राओं में असीमित तेज आवाज वाले बड़े डीजे और झांकियों के साथ डांस करने वाले कलाकारों को बुलाने की प्रथा पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती का रूप धारण कर कुछ जगहों पर किया जाने वाला प्रदर्शन बेहद आपत्तिजनक स्तर पर पहुंच जाता है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
उज्जैन यात्रा में मौजूदगी और बयानों पर चर्चा
हर्षा रिछारिया के इस बयान के बाद उनके हालिया सफर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं:
बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा: हर्षा 3 अगस्त से 9 अगस्त तक विधायक गोलू शुक्ला के नेतृत्व में महेश्वर से उज्जैन तक निकली 'बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा' में शामिल हुई थीं।
बयानों में विरोधाभास: पूर्व में उन्होंने इसी यात्रा की सराहना करते हुए युवाओं के सेवा भाव की तारीफ की थी। हालांकि, जिस यात्रा का वे हिस्सा थीं उसमें भी डीजे और रूप धारण किए कलाकारों के वीडियो सामने आए थे।
हरिद्वार पर केंद्रित बयान: नए वीडियो में हर्षा ने अपना मुख्य ध्यान हरिद्वार की यात्राओं की अव्यवस्थाओं पर केंद्रित रखा और अपनी पिछली यात्रा पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया।
सोशल मीडिया पर उनके इस बदले दृष्टिकोण और बयानों की तुलना को लेकर अब व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

