लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जीवन में महानता का मानक ऊपर से नीचे नहीं होता है. व्यक्ति जब अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से शून्य से शिखर की यात्रा तय करता है, तो यही उसकी महानता का मानक बनता है. विधायक, मंत्री तथा लखनऊ के लोकप्रिय सांसद के रूप में श्रद्धेय लालजी टण्डन जी ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विकास के प्रतिमान को आगे बढ़ाते हुए शून्य से शिखर की अपनी यात्रा तय की है. लखनऊ के सभी लोगों के साथ टण्डन जी की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं.
मुख्यमंत्री जी आज यहां कालीचरण पी0जी0 कॉलेज में श्रद्धेय श्री लालजी टण्डन की कांस्य प्रतिमा का अनावरण करने के उपरान्त इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे. उन्होंने श्रद्धेय श्री लालजी टण्डन के नाम पर कालीचरण महाविद्यालय के शताब्दी विस्तार भवन का नामकरण ‘लालजी टण्डन भवन’ किया. मुख्यमंत्री जी ने प्रतिमा का निर्माण करने वाले जयपुर के कलाकार श्री राजेश भण्डारी को सम्मानित भी किया.
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ नगर महापालिका के पार्षद तथा एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में श्रद्धेय श्री लालजी टण्डन ने अपनी यात्रा प्रारम्भ की. वे एक सामान्य कार्यकर्ता से लेकर शिखर तक पहुंचे, लेकिन अहंकार उन्हें छू नहीं पाया. उनमें जीवनपर्यन्त सादगी तथा आत्मीयता झलकती हुई दिखायी दी. यही कारण है कि उनके प्रशंसकों तथा शुभचिन्तकों के मन में श्री टण्डन की स्मृतियों के प्रति सदैव आत्मीय भाव बना रहता है.
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिस समय जो भी कार्य श्रद्धेय टण्डन जी को दिया गया, उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. अयोध्या मामलों के प्रभारी मंत्री के रूप में श्री टण्डन का कार्य नये अनुभव का सृजन करता है. श्री टण्डन के कार्यकाल में अलग-अलग समय में प्रयागराज में कुम्भ का आयोजन हुआ था. कुम्भ की व्यवस्था को अच्छा बनाये रखने के लिए उस समय उनके द्वारा अनेक कार्य आगे बढ़ाये गये थे. वर्ष 2019 में श्री सुरेश कुमार खन्ना जी के नेतृत्व में हमारी टीम को प्रयागराज कुम्भ के आयोजन का अवसर प्राप्त हुआ था. इसमें श्री टण्डन का उस समय का वह अनुभव हमारे उपयोग में आया. प्रयागराज कुम्भ-2019 नयी आभा के साथ देश और दुनिया में दिव्य और भव्य कुम्भ के रूप में आयोजित हुआ था.

