3,103 करोड़ की रेल परियोजना से बदलेगा बलौदाबाजार, उद्योगों और कारोबार को मिलेगा बड़ा फायदा

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ राज्य में रेलवे नेटवर्क को अधिक सुदृढ़ और विस्तृत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत खरसिया से बलौदाबाजार के मध्य 110.5 किलोमीटर लंबी नई डबल रेल लाइन के निर्माण के लिए 3,103.69 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत का ईपीसी (EPC) टेंडर जारी कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद बलौदाबाजार और उसके आसपास के तमाम क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ औद्योगिक परिवहन को भी एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

278 किलोमीटर लंबे विशाल रेल कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा

यह प्रस्तावित खरसिया-बलौदाबाजार रेल लाइन लगभग 278 किलोमीटर लंबे विशाल 'खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा' रेल कॉरिडोर का एक बेहद अहम और महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस वृहद कॉरिडोर के निर्माण से छत्तीसगढ़ के कुल आठ प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

इस पूरी परियोजना के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डबल ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही रूट पर विद्युतीकरण (Electrification), बड़े फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज (ROB), रेलवे अंडरब्रिज (RUB), और आधुनिक सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम जैसी तमाम आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

1,275 दिनों का लक्ष्य और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया

रेलवे प्रशासन द्वारा इस विशाल निर्माण परियोजना को पूरा करने के लिए 1,275 दिनों यानी करीब साढ़े तीन साल की समयसीमा निर्धारित की गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, सितंबर 2026 में प्री-बिड (Pre-bid) बैठकें आयोजित होना प्रस्तावित हैं, जबकि इस टेंडर को जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 तय की गई है। इस पूरी परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए लगभग 1,852 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसके तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्तमान में तेजी से चल रही है।

स्थानीय सीमेंट उद्योगों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

छत्तीसगढ़ का बलौदाबाजार-भाटापारा जिला राज्य के सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण औद्योगिक हब के रूप में जाना जाता है। इस क्षेत्र में कई नामचीन सीमेंट संयंत्रों के अलावा बड़े पावर प्लांट और अन्य औद्योगिक इकाइयां बड़े पैमाने पर संचालित हो रही हैं।

नई डबल रेल लाइन के निर्माण से सीमेंट, कोयला, क्लिंकर और अन्य आवश्यक औद्योगिक कच्चे माल की ढुलाई के लिए एक मजबूत और निर्बाध रेल नेटवर्क उपलब्ध हो जाएगा। मालगाड़ियों का आवागमन सुगम होने से परिवहन में लगने वाले समय और लागत में भारी कमी आएगी, जिससे क्षेत्र के तमाम उद्योगों की लॉजिस्टिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

व्यापार, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

बेहतर रेल कनेक्टिविटी का यह सकारात्मक प्रभाव केवल औद्योगिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे समग्र क्षेत्र के व्यापार, रोजगार सृजन, नए निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी जोरदार बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद भविष्य में इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों के संचालन और उनके विस्तार की संभावनाएं भी काफी बढ़ जाएंगी, जिससे स्थानीय आम नागरिकों को आवागमन के लिए और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक विकल्प मिल सकेंगे। कुल मिलाकर, खरसिया-बलौदाबाजार रेल परियोजना छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास और आर्थिक समृद्धि की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है।

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