नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद चर्चा में आई दो दशक पुरानी 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' (B&B) योजना को आखिरकार समाप्त करने की मंजूरी दिल्ली विधानसभा ने प्रदान कर दी है। पारित किए गए 'शयन कक्ष तथा भोजन संस्थापना (निरसन) विधेयक, 2026' के जरिए साल 2007 के उस पुराने कानून को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, जिसके तहत मालवीय नगर जैसे घने इलाकों में कई होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे थे। बता दें कि इसी तरह के एक होटल में लगी आग की दर्दनाक दुर्घटना में 21 बेकसूर लोगों की जान चली गई थी।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, तत्कालीन दिल्ली सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से साल 2007 में इस कानून को लागू किया गया था। इसके माध्यम से आवासीय मकानों में सीमित संख्या में कमरे और भोजन की सुविधा मुहैया कराने वाली छोटी आवासीय इकाइयों का आधिकारिक पंजीकरण किया जाता था।
मालवीय नगर हादसे के बाद सरकार का बड़ा कदम
बीती 3 जून को मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुई भीषण आगजनी की घटना में 21 लोगों की मौत के बाद इस योजना के तहत चल रही व्यवस्थाओं, सुरक्षा मानकों और उनके नियमन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने इस योजना को पूरी तरह से बंद करने का कड़ा निर्णय लिया। दिल्ली सरकार का कहना है कि बीते लगभग बीस वर्षों में राजधानी की जनसांख्यिकीय जरूरतों, शहरी परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। ऐसे में पुरानी और कमजोर पड़ चुकी वैधानिक व्यवस्था को समाप्त करके एक नई, आधुनिक और सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता नीति लागू करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
नया कानून आने तक लागू रहेंगे विशेष प्रावधान
सरकार द्वारा लाए गए इस नए विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक कोई नया और व्यापक कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक के लिए कुछ विशेष और transitional प्रावधान प्रभावी रहेंगे। इसके तहत मौजूदा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी नए पंजीकरण और लंबित पड़े आवेदनों की प्रक्रिया फिलहाल पूरी तरह से स्थगित रहेगी।
हालांकि, वर्तमान में जारी पंजीकरण, प्रमाण पत्रों के नवीनीकरण और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों का निस्तारण आगामी नई नीति के प्रावधानों के तहत ही किया जाएगा। इसके अलावा, पुराने अधिनियम के अंतर्गत पहले से शुरू की गई किसी भी प्रकार की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई पुराने कानून के नियमों के मुताबिक ही आगे बढ़ेगी। इस कानून के निरस्त होने से सरकार पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और इसके पूर्व के अधिकारों व देनदारियों पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नई नीति का मसौदा तैयार करने में जुटे अधिकारी
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' योजना को पूरी तरह से समाप्त करने के साथ ही एक नई और पारदर्शी नीति का मसौदा (Draft) तेजी से तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं आवासीय इकाइयों को शामिल किए जाने की संभावना है जिनमें अधिकतम 16 बिस्तर और 8 कमरे उपलब्ध हों।
यह पूरी तरह से आवासीय इकाइयों तक ही सीमित रहेगी; इसके दायरे से व्यावसायिक होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस, सर्विस अपार्टमेंट्स और अन्य कमर्शियल हॉस्पिटैलिटी यूनिट्स को पूरी तरह बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा, वाणिज्यिक रेस्तरां, बाहर के आगंतुकों को सेवा देने वाले बार और बड़े होटलों को इस व्यवस्था में जगह नहीं मिलेगी। भविष्य में इन सभी प्रतिष्ठानों को पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

