भोपाल। दतिया में चुनाव परिणाम आने के बाद गरमाई राज्य की राजनीति अब दिल्ली के गलियारों तक पहुँच गई है। कैबिनेट मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात की सामने आई तस्वीरों ने मध्य प्रदेश के प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर चुके हैं। उधर, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी भोपाल में दो दिन रुकने के उपरांत दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
दतिया के घटनाक्रम और हार की समीक्षा पर केंद्रित हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से हो रही इन बैठकों के पीछे दतिया चुनाव के नतीजे और उसके बाद की स्थितियां मुख्य कारण हैं। उपचुनाव में मिली हार और भीतरघात की खबरों के बाद राज्य संगठन की ओर से एक प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही केंद्रीय आलाकमान को भेजी जा चुकी है। माना जा रहा है कि दिल्ली पहुंचे नेता अब केंद्रीय नेतृत्व को सीधे जमीनी फीडबैक और भावी रणनीति से अवगत करा रहे हैं।
बैठकों के दौर पर विपक्ष का तंज
मध्य प्रदेश भाजपा में जारी इस सियासी हलचल पर विपक्षी दल कांग्रेस ने भी निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा का कहना है कि दिल्ली में हो रही ये मुलाकातें संगठन में अपनी स्थिति मजबूत करने और अपनी बात ऊपर तक पहुँचाने की होड़ का नतीजा हैं। उनका दावा है कि राज्य में सत्तारूढ़ दल के भीतर अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है।
नरोत्तम मिश्रा ने दिया एकजुटता का संदेश
इन तमाम चर्चाओं के बीच पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से दूरी बनाए रखी, लेकिन दिल्ली रवाना होने से पूर्व उन्होंने दतिया से भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन के भीतर किसी प्रकार का मनमुटाव नहीं है और वे पूरी मजबूती के साथ पार्टी की नीतियों व निर्देशों के साथ खड़े हैं।

