UP Supplementary Budget 2026-27 लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास परियोजनाओं को गति देना, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट प्रदेश के समावेशी एवं संतुलित विकास के संकल्प को नई मजबूती देगा। इसके माध्यम से जनकल्याण और विकास से जुड़े कार्यों को नई गति मिलेगी। pic.twitter.com/KIKgxiKOhP
— Government of UP (@UPGovt) August 4, 2026
उन्होंने बताया कि यह अनुपूरक बजट मौजूदा वित्तीय वर्ष के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है और प्रदेश का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है।
UP Supplementary Budget 2026-27:पूंजीगत निवेश पर सरकार का सबसे बड़ा जोर
वित्त मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय के लिए ₹17,399.50 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए ₹41,620.04 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि पूंजीगत निवेश बढ़ाने से सड़क, ऊर्जा, उद्योग, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसी आधारभूत परियोजनाओं को गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
नई योजनाओं के लिए ₹7,854 करोड़
अनुपूरक बजट में नई मांगों और नई परियोजनाओं के लिए ₹7,854.25 करोड़ का अलग से प्रावधान किया गया है। इससे सरकार नई विकास योजनाओं के साथ-साथ पहले से चल रही परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ा सकेगी।
उद्योग को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
सरकार ने इस बार उद्योग और निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
- भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग: ₹22,107.88 करोड़
- ग्राम विकास विभाग: ₹17,942.73 करोड़
- ऊर्जा विभाग: ₹7,422.27 करोड़
- चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग: ₹2,000.25 करोड़
- समाज कल्याण विभाग: ₹1,655 करोड़
- महिला कल्याण विभाग: ₹1,094.40 करोड़
- लोक निर्माण विभाग (PWD): ₹700.01 करोड़
इन प्रावधानों का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, बिजली व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है।
गांव, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण पर विशेष फोकस
सरकार ने ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास, ग्रामीण आजीविका और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम विकास विभाग को बड़ी राशि आवंटित की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार और चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त बजट दिया गया है। वहीं समाज कल्याण और महिला कल्याण विभागों को भी अतिरिक्त धनराशि देकर सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं को मजबूती देने की कोशिश की गई है।
₹9.71 लाख करोड़ से अधिक पहुंचा राज्य का कुल बजट
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था। अब ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट के शामिल होने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा।
इसमें—
- राजस्व व्यय: ₹6,81,870.05 करोड़
- पूंजीगत व्यय: ₹2,89,845.84 करोड़
सरकार का कहना है कि अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं और पूंजीगत निवेश पर खर्च किया जाएगा।
सेक्टरवार बजट में आर्थिक सेवाओं को सबसे ज्यादा आवंटन
अनुपूरक बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं—
- आर्थिक सेवाएं: ₹45,568.63 करोड़ (लगभग 77%)
- सामाजिक सेवाएं: ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16%)
- सामान्य सेवाएं: ₹633.19 करोड़ (लगभग 1%)
- कर्ज एवं उधार दायित्व: ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6%)
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार का प्रमुख फोकस उद्योग, ऊर्जा, कृषि, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर है।
वित्त मंत्री बोले- वित्तीय अनुशासन से नहीं होगा समझौता
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है और सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह अनुपूरक बजट प्रदेश में अधोसंरचना विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति देगा।

