चंडीगढ़। चंडीगढ़ में नगर निगम द्वारा बिना किसी सेवा सुधार के लगातार बढ़ाए जा रहे कूड़ा शुल्क को लेकर आम जनता और विभिन्न संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन (SIA) ने निगम के इस ताज़ा फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि एक ही वर्ष के भीतर दूसरी बार शुल्क में बढ़ोतरी करना पूरी तरह से अनुचित है और यह शहरवासियों की जेब पर एक अनावश्यक एवं भारी आर्थिक बोझ डालने के समान है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
एक साल में दूसरी बार शुल्क बढ़ाना दोहरी मार, एसआईए ने उठाए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा इसी साल अप्रैल के महीने में ही कूड़ा संग्रहण शुल्क में वार्षिक वृद्धि पहले ही लागू की जा चुकी है। ऐसे में कुछ ही महीनों के अंतराल पर दोबारा शुल्क बढ़ाना नागरिकों के साथ अन्याय है, खासकर तब जब जमीनी स्तर पर सेवा की गुणवत्ता में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। एसआईए के अध्यक्ष आरके गर्ग ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्य सवाल यह नहीं है कि लोग शुल्क देना चाहते हैं या नहीं, बल्कि यह है कि नगर निगम द्वारा मुहैया कराई जा रही लचर सेवाएं वसूले जा रहे भारी-भरकम शुल्क को कहीं से भी न्यायसंगत नहीं ठहराती हैं।
अनियमित कचरा संग्रहण और जर्जर वाहनों से बिगड़ रही शहर की छवि, पानी के बिल से भी अधिक हुआ कूड़ा शुल्क
एसोसिएशन ने हैरानी जताते हुए कहा कि कई मामलों में तो यह कूड़ा संग्रहण शुल्क पानी जैसी बुनियादी और अनिवार्य नगर सेवाओं के बिल से भी कहीं ज्यादा पहुंच गया है, जो बेहद तर्कहीन है। शहर के कई हिस्सों में कूड़ा उठाने की गाड़ियां नियमित रूप से नहीं आती हैं और विशेष तौर पर बागवानी कचरे की समस्या से लोग बुरी तरह परेशान हैं। नागरिकों को कई-कई दिनों तक कचरा अपने घरों में ही स्टोर करके रखना पड़ता है, क्योंकि कचरा उठाने का कोई निश्चित समय नहीं है। इसके अलावा, सड़कों पर दौड़ रहे कई पुराने, जर्जर और बदहाल वाहन देश के इस नियोजित एवं सुंदर शहर की स्वच्छ छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।
जुर्माना बढ़ाने के प्रस्ताव का भी विरोध, एसोसिएशन ने नगर निगम से तत्काल फैसला वापस लेने की की मांग
कूड़ा संग्रहण से जुड़े नियमों के तहत जुर्माने की राशि बढ़ाने के किसी भी नए प्रस्ताव का भी एसआईए ने कड़ा विरोध किया है। संगठन का तर्क है कि जब नगर निगम खुद शहरवासियों को पर्याप्त संग्रहण व्यवस्था, आधुनिक वाहन, तय समय-सारणी और कचरा निपटान के पुख्ता इंतजाम देने में विफल रहा है, तो खामियाजा नागरिकों को दंडित करके नहीं वसूला जाना चाहिए। सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन ने कड़े शब्दों में मांग की है कि नगर निगम चालू वर्ष में कूड़ा शुल्क बढ़ाने के अपने इस तुगलकी प्रस्ताव को तुरंत प्रभाव से रोके, पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा करे, बेकार वाहनों को बदले और जनता के प्रति अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करे।

