रायपुर सामूहिक आत्महत्या कांड में बड़ा खुलासा! सट्टेबाजी के कर्ज ने उजाड़ा पूरा परिवार?

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के संजय नगर इलाके में हुए सनसनीखेज हत्याकांड, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को तफ्तीश के दौरान कई बेहद अहम और चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने निकलकर आई है कि परिवार का मुखिया साजिद अली पिछले काफी समय से गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और वह कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी में अपनी गाढ़ी कमाई की एक बड़ी रकम गंवा चुका था।

भारी कर्ज और ब्याज का बढ़ता दबाव

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आर्थिक संकट के इस दलदल से बाहर निकलने के लिए साजिद ने स्थानीय बाजार से लगभग 16 लाख रुपये भारी-भरकम और ऊंचे ब्याज पर उधार ले रखे थे। समयानुसार पैसे वापस न लौटा पाने के कारण लगातार उस पर देनदारों का दबाव बढ़ता जा रहा था। पुलिस की छानबीन में यह तथ्य भी सामने आया है कि कर्ज देने वाले लोग अक्सर उसके घर का दरवाजा खटखटाकर पैसे चुकाने के लिए दबाव बनाते थे और मानसिक रूप से उसे परेशान कर रहे थे।

हत्या के बाद नौ घंटे तक घर में ही रुका था साजिद

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस खौफनाक वारदात के दिन साजिद ने सबसे पहले अपनी पत्नी राबिया, बेटे इरशाद और दोनों बेटियों—शाहिदा बेगम व इरशाबा परवीन को किसी जहरीले पदार्थ के जरिए मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद भी वह कई घंटों तक उसी घर के भीतर मौजूद रहा और घटना के करीब नौ घंटे बीत जाने के बाद खुद भी फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम के हर एक पहलू और वैज्ञानिक साक्ष्यों की बारीकी से पुष्टि करने में जुटी हुई है।

मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और सट्टेबाजी के लिंक

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को साजिद के मोबाइल फोन से दो ऐसे संदिग्ध फोन नंबर मिले हैं, जिन पर घटना से ठीक पहले लगातार लंबी बातचीत हुई थी। बताया जा रहा है कि 17 जुलाई की रात को भी इन नंबरों पर उसकी आखिरी बार बात हुई थी, और उसके ठीक अगले दिन ही परिवार के पांचों सदस्यों के शव बरामद किए गए थे। जब से यह घटना सामने आई है, तब से वे दोनों नंबर पूरी तरह से बंद आ रहे हैं। पुलिस अब उन नंबरों के धारकों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुट गई है।

एसआईटी की गहन जांच में यह बात भी प्रकाश में आई है कि साजिद पिछले लगभग एक साल से बैटरी निर्माण के अपने पुश्तैनी या मुख्य व्यवसाय को पूरी तरह बंद कर चुका था, इसके बावजूद उसके घर का खर्च चल रहा था। उसके बैंक खातों और मोबाइल के वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगालने पर आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े कई संदिग्ग्ध ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं। फिलहाल पुलिस सभी वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और पारिवारिक पृष्ठभूमि की हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है।

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