रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में NEET पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ राजनीतिक प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे रायपुर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को वाटर कैनन चलानी पड़ी और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पूरे घटनाक्रम में 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
NEET पेपर लीक के विरोध में दोनों दलों का उग्र प्रदर्शन
कांग्रेस ने NEET पेपर लीक के विरोध में राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया। दूसरी ओर, दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस प्रदर्शन के विरोध में बीजेपी ने रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। जैसे ही दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने पहुंचे, नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बैरिकेडिंग टूटी, पुलिस ने किया बल प्रयोग
बीजेपी के प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, कई विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन स्थिति नहीं संभलने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
झड़प में 16 पुलिसकर्मी घायल
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जिससे 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके उपचार की जानकारी ली। सभी घायलों का इलाज जारी है।
कांग्रेस ने सरकार और बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अचानक कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रही थी, जबकि विरोधी कार्यकर्ताओं ने पथराव और अन्य वस्तुएं फेंकीं। कांग्रेस ने इस मामले में प्रदर्शन में शामिल मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यपाल से शिकायत करने की बात कही।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन अराजकता फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहा है और आंदोलन के नाम पर राजनीतिक माहौल को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल रायपुर में स्थिति नियंत्रण में
पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर रायपुर में स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

