एक ओवर में 6 छक्कों का इतिहास रचने वाला महान बल्लेबाज नहीं रहा, 12 उंगलियों के साथ लिया था जन्म

रायटर: क्रिकेट जगत के लिए आज एक अत्यंत दुखद समाचार है। क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों में शुमार सर गैरी सोबर्स का शुक्रवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने उनके निधन की पुष्टि की है। सर गैरी सोबर्स का नाम क्रिकेट की दुनिया में एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में दर्ज है, जिन्होंने दुनिया को पहली बार यह दिखाया था कि एक ओवर में लगातार छह छक्के मारे जा सकते हैं।

क्रिकेट को दिया नया आयाम: एक ओवर में छह छक्के का कारनामा

वर्ष 1968 में नाटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए उन्होंने ग्लैमरगन के मैल्कम नैश के एक ओवर में छह गेंदों पर छह छक्के जड़े थे। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ऐसा करने वाले वे दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे। उनके इस कीर्तिमान ने विश्व क्रिकेट में हलचल मचा दी थी, जिससे प्रेरित होकर बाद में रवि शास्त्री और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों ने भी यह उपलब्धि हासिल की। सोबर्स बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज होने के साथ-साथ तेज और स्पिन दोनों तरह की गेंदबाजी में समान रूप से माहिर थे और एक शानदार फील्डर भी थे। विजडन अल्मनैक ने उन्हें 20वीं सदी के पांच महानतम क्रिकेटरों में शामिल किया था, जबकि सर डॉन ब्रैडमैन ने उन्हें अपने युग का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर माना था।

संघर्षों से भरा बचपन और असाधारण शुरुआत

गारफील्ड सेंट आबर्न सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के सेंट माइकल में हुआ था। उनके जन्म से जुड़ी एक दिलचस्प बात यह थी कि उनके दोनों हाथों में एक-एक अतिरिक्त अंगुली थी, जिन्हें उन्होंने बचपन में ही हटा दिया था। उनका बचपन बेहद संघर्षपूर्ण था; मात्र पांच वर्ष की आयु में उनके पिता का द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान निधन हो गया था। उनकी मां थेल्मा ने विषम परिस्थितियों में भी अपने छह बच्चों का पालन-पोषण पूरी निष्ठा से किया। सोबर्स ने अपनी आत्मकथा में अपनी मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।

रिकॉर्ड बुक के बेताज बादशाह

  • शुरुआती दौर: 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और 1954 में वेस्टइंडीज के लिए पहला टेस्ट मैच खेला।

  • तिहरे शतक का कीर्तिमान: मात्र 21 वर्ष की आयु में पाकिस्तान के विरुद्ध नाबाद 365 रन बनाकर उन्होंने उस समय टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाया था। वे आज भी टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं।

विश्वभर में सम्मान और पहचान

क्रिकेट में उनके अविस्मरणीय योगदान को देखते हुए 1975 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें 'नाइटहुड' की उपाधि से सम्मानित किया था। 1998 में उन्हें बारबाडोस के 10 आधिकारिक राष्ट्रीय नायकों में स्थान दिया गया और उनके नाम पर सर गारफील्ड सोबर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया। महान दक्षिण अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला भी उनके खेल के बड़े प्रशंसक थे और उन्हें अपना पसंदीदा क्रिकेटर मानते थे। सर गैरी सोबर्स का जाना क्रिकेट जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

Latest news

Related news