डिजिटल अभियान में सिमडेगा और कोडरमा ने मारी बाजी, सभी BLO को मिलेगा प्रोत्साहन

रांची। झारखंड राज्य में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। निर्वाचन विभाग से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, सूबे के आठ जिलों ने इस अभियान में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। इन अग्रणी जिलों के 50 फीसदी से भी अधिक मतदाताओं ने न केवल अपना गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को जमा करा दिया है, बल्कि विभाग द्वारा उन सभी प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस पूरे अभियान में सिमडेगा जिला राज्यभर में सबसे आगे चल रहा है, जहां के 65.2 प्रतिशत मतदाताओं के प्रपत्रों को पूरी तरह ऑनलाइन यानी डिजिटलाइज्ड किया जा चुका है।

विभिन्न जिलों में डिजिटलाइजेशन कार्य की मौजूदा प्रगति

मतदाता सूची पुनरीक्षण के इस महाभियान में सिमडेगा के बाद कोडरमा और पश्चिमी सिंहभूम का प्रदर्शन भी काफी सराहनीय रहा है, जहां यह महत्वपूर्ण कार्य 60 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है। आंकड़ों के मुताबिक, लोहरदगा में 59.14 प्रतिशत, पलामू में 54.98 प्रतिशत, गढ़वा में 54.94 प्रतिशत, रामगढ़ में 54.25 प्रतिशत और दुमका में 52.92 प्रतिशत मतदाताओं का प्रपत्र डिजिटलाइज्ड हो चुका है। इसके विपरीत, कुछ जिलों की रफ्तार बेहद धीमी देखी जा रही है। पूर्वी सिंहभूम और गोड्डा जिला इस सूची में सबसे निचले पायदान पर हैं, जहां अभी तक 30 फीसदी मतदाताओं का डेटा भी डिजिटल नहीं हो सका है। पूर्वी सिंहभूम में केवल 26.85 प्रतिशत और गोड्डा में 27.45 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। पूरे झारखंड की बात करें तो समूचे राज्य में अब तक औसतन 41.27 प्रतिशत मतदाताओं के प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन हो चुका है, जबकि लगभग 95 प्रतिशत लोगों तक ये फॉर्म पहले ही पहुंचाए जा चुके हैं।

मध्यम श्रेणी वाले जिलों की कार्य स्थिति पर एक नजर

राज्य के कई अन्य जिलों में काम की गति मध्यम स्तर पर बनी हुई है, जहां डिजिटलाइजेशन का आंकड़ा 30 प्रतिशत से अधिक और 50 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है। इन जिलों में लातेहार 49.8 प्रतिशत और गुमला 47.57 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं, बोकारो में 44.65 प्रतिशत, खूंटी में 43.37 प्रतिशत, हजारीबाग में 42.32 प्रतिशत और सरायकेला खरसावां में 42.08 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। सूची के अन्य हिस्सों में जामताड़ा में 39.11 प्रतिशत, पाकुड़ में 36.49 प्रतिशत, देवघर में 35.09 प्रतिशत, गिरिडीह में 34.33 प्रतिशत और राजधानी रांची में 32.76 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। इसके अलावा बोकारो के कुछ क्षेत्रों में 30.24 प्रतिशत तथा साहिबगंज में 30.17 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, जिन्हें जल्द ही तेजी से काम निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

मतदान कर्मियों के लिए निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

इस बेहद जटिल और जिम्मेदारी भरे पुनरीक्षण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए निर्वाचन आयोग ने जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में दिन-रात जुटे सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स और बीएलओ सुपरवाइजरों को उनकी कड़ी मेहनत के एवज में प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया गया है। आयोग द्वारा तय किए गए निर्णय के अनुसार, इन सभी कर्मियों को एकमुश्त छह हजार रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। खास बात यह है कि यह अतिरिक्त वित्तीय लाभ बीएलओ को मिलने वाले नियमित वार्षिक मानदेय से पूरी तरह अलग होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने यह कदम बीएलओ के कार्यों की जटिलता और उनकी महत्ता को स्वीकार करते हुए उठाया है, ताकि कर्मियों का मनोबल बना रहे।

सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी

इस महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन को लागू करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड समेत देश के उन तमाम राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र भेज दिया है, जहां वर्तमान समय में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य संचालित हो रहा है। इस आदेश के जरिए आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रोत्साहन राशि से जुड़ी यह जानकारी अविलंब जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों और सभी संबंधित निर्वाचन प्रभारियों तक पहुंचा दी जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैदानी स्तर पर काम करने वाले किसी भी कर्मचारी के भीतर असमंजस की स्थिति न रहे और वे पूरे समर्पण के साथ मतदाता सूची को शत-प्रतिशत त्रुटिहीन और अपडेटेड बनाने के इस राष्ट्रीय कार्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।

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