बाबा फरजान पर पुलिस का शिकंजा, करोड़ों की नकदी, सोना और राइफलों का जखीरा मिला

संभाजीनगर। अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने शुक्रवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 90 के दशक के कथित अंडरवर्ल्ड डॉन बाबा फ़रज़ान के पडेगांव स्थित आलीशान बंगले पर छापेमारी की है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी, हथियार और कीमती आभूषण बरामद किए हैं। कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।

छापेमारी में मिली करोड़ों की संपत्ति और हथियार

जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान बंगले से करीब 5 करोड़ रुपये की नकदी, 21 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर और 8 लाख रुपये की चांदी जब्त की गई है। इसके साथ ही, पुलिस को चार राइफलें, 500 जिंदा कारतूस और तलवारें व चाकुओं जैसे धारदार हथियार भी मिले हैं। संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। नकदी की अधिकता के कारण इसे गिनने के लिए मौके पर नोट गिनने की मशीनें मंगवानी पड़ीं।

मृत्यु के बाद पुलिसिया कार्रवाई और जांच का दायरा

बाबा फ़रज़ान का करीब छह महीने पहले लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन के बाद हुई इस औचक कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां अब उनके पुराने आपराधिक नेटवर्क, अवैध संपत्ति के साम्राज्य और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को आपस में जोड़कर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में पुलिस की पकड़ और सख्ती को दर्शाती है।

कौन थे बाबा फ़रज़ान और उनका आपराधिक इतिहास

90 के दशक में बाबा फ़रज़ान का छत्रपति संभाजीनगर और आसपास के इलाकों में गहरा खौफ था। रोहिला गली के रहने वाले फ़रज़ान ने 80 और 90 के दशक में लेबर यूनियन के अध्यक्ष के रूप में भी भूमिका निभाई थी। उन पर दंगा, मारपीट, हत्या का प्रयास और अपहरण जैसे चार गंभीर मामले दर्ज थे। हालांकि, उम्र के आखिरी पड़ाव और गिरते स्वास्थ्य के कारण आपराधिक दुनिया में उनका दबदबा काफी कम हो गया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद सामने आए ये बरामदगी के आंकड़े उनके पुराने रसूख की पुष्टि करते हैं।

Latest news

Related news