नागदा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह शिलान्यास कार्यक्रम नागदा के श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे नागदा हेलीपैड पहुंचेंगे और उसके तुरंत बाद कार्यक्रम स्थल पर जाकर इस बड़ी सड़क परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे कई अन्य विकास कार्यों की शुरुआत भी करेंगे और लोगों को हेलमेट बांटेंगे।
5017 करोड़ की लागत से बनेगा हाईवे
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा बनाई जाने वाली इस बेहद आधुनिक सड़क पर करीब 5017 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लगभग 99 किलोमीटर लंबा यह चार लेन का हाईवे उज्जैन के मंगरोला गांव से शुरू होगा और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए जावरा में समाप्त होगा। इस पूरे हाईवे के दोनों तरफ सुरक्षा के लिहाज से पक्के शोल्डर्स (किनारे) बनाए जाएंगे, जिससे वाहनों का सफर सुरक्षित हो सके।
सिंहस्थ-2028 और उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस हाईवे के बनने से उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम के बीच आने-जाने का समय काफी कम हो जाएगा। उज्जैन का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क होने के कारण यहां नए उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही साल 2028 में होने वाले महाकुंभ (सिंहस्थ) के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और गाड़ियों के लिए यह हाईवे सबसे मददगार साबित होगा।
खेती और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
नई सड़क बनने से न सिर्फ आम लोगों का सफर आसान होगा बल्कि क्षेत्र का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (माल ढुलाई व्यवस्था) भी मजबूत होगा। उद्योगों में नया निवेश आने के साथ-साथ किसानों को अपनी फसल और कृषि उत्पादों को मंडियों तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर माल ढुलाई का समय घटने से उज्जैन संभाग के आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।

