दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, रवि किशन की पहचान का बिना इजाजत इस्तेमाल नहीं होगा

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने मशहूर अभिनेता और लोकसभा सांसद रवि किशन के हक में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा करते हुए उनकी छवि और पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

बिना अनुमति इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था अभिनेता रवि किशन के नाम, तस्वीर, आवाज या उनके व्यक्तित्व के किसी भी हिस्से का बिना उनकी लिखित अनुमति के व्यावसायिक (Commercial) या आपत्तिजनक इस्तेमाल नहीं कर सकता। अदालत ने रवि किशन की पहचान और उनकी साख की सुरक्षा के मद्देनजर यह अंतरिम निर्देश जारी किया है।

गूगल, मेटा और 'एक्स' को लिंक हटाने के निर्देश

अदालत ने डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया है। हाई कोर्ट ने दिग्गज टेक कंपनियों जैसे गूगल (Google), मेटा (Meta) और एक्स (पूर्व में ट्विटर) को साफ निर्देश दिया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स से रवि किशन से जुड़े सभी आपत्तिजनक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार किए गए डीपफेक या भ्रामक कंटेंट के लिंक्स को तुरंत हटा दें।

एआई (AI) के दुरुपयोग पर कोर्ट की नजर

रवि किशन की तरफ से पैरवी कर रहे वकीलों ने कोर्ट को बताया था कि सोशल मीडिया पर एआई तकनीकों का सहारा लेकर उनके मुवक्किल की आवाज और छवि का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है। कोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए यह सुरक्षात्मक आदेश जारी किया।

15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर विस्तृत चर्चा और अंतिम फैसले के लिए अगली सुनवाई की तारीख 15 अक्टूबर तय की है, तब तक यह पाबंदी और निर्देश लागू रहेंगे।

Latest news

Related news