जगरांव। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब एक सहयात्री पर बच्चे के अपहरण का संदेह जताते हुए कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद सुरक्षा बल मुस्तैद हो गए और रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति को बच्चे समेत अपनी हिरासत में ले लिया। इस बीच किसी ने बच्चे को गोद में ले जा रहे व्यक्ति की तस्वीर और एक भ्रामक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा कर दी, जिससे यात्रियों और पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश की, तो पूरी कहानी महज एक गलतफहमी और कोरी अफवाह साबित हुई।
चॉकलेट के लिए रोया मासूम और लोगों को हुआ अपहरण का शक
रेलवे चौकी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम सुबह ट्रेन के आगमन के समय का है। एक व्यक्ति अपनी ट्रेन छूटने के डर से अपने छोटे बच्चे को गोद में उठाकर तेजी से प्लेटफॉर्म की तरफ दौड़ रहा था। इसी दौरान रास्ते में बच्चे ने चॉकलेट खाने की जिद पकड़ ली और जोर-जोर से रोने लगा। सुबह की अफरा-तफरी के बीच आसपास मौजूद अन्य यात्रियों को लगा कि कोई अनजान शख्स जबरन बच्चे को ले जा रहा है। इसी शंका के आधार पर लोगों ने 'बच्चा चोर' का शोर मचा दिया, जिसके परिणामस्वरूप ड्यूटी पर तैनात जीआरपी के जवानों ने बिना वक्त गंवाए उस व्यक्ति को रोककर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए।
दो घंटे की गहन जांच में सामने आया पिता-पुत्र का रिश्ता
रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर पुलिस ने लगभग दो घंटे तक बच्चे और उस व्यक्ति से जुड़े तमाम दस्तावेजों तथा दावों की गहनता से पड़ताल की। परिजनों से संपर्क साधने और तकनीकी सत्यापन के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि वह व्यक्ति कोई संदिग्ध अपराधी नहीं बल्कि उस बच्चे का सगा पिता ही था। पिता अपनी यात्रा को लेकर बेहद जल्दबाजी में था, जबकि बच्चा अपनी बाल-हठ के कारण रो रहा था, जिसे भीड़ ने गलत समझ लिया। सत्यता प्रमाणित होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और दोनों को ससम्मान अगली ट्रेन से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया।
पुलिस ने की सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील
रेलवे पुलिस अधिकारियों ने घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि लुधियाना से फिरोजपुर की ओर जाने वाली ट्रेन में बच्चे के रोने की आवाज सुनकर यात्रियों ने गलतफहमी में आकर अपहरण का शोर मचाया था। पुलिस ने आम जनता और यात्रियों से विशेष अपील की है कि सजग और सतर्क रहना बेहद सराहनीय है, परंतु किसी भी संवेदनशील मामले की पूरी सच्चाई जाने बिना उसकी तस्वीरें या भ्रामक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन और सामाजिक रूप से सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी की यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद थी और भविष्य में ऐसी किसी भी सूचना पर सीधे कानून को हाथ में लेने या घबराने के बजाय पहले पुलिस से संपर्क कर पुष्टि जरूर करें।

