दिल्ली दंगा साजिश केस में नया घटनाक्रम, शरजील इमाम ने की PhD की अनुमति की मांग

नई दिल्ली। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में तिहाड़ जेल में बंद आरोपित शरजील इमाम ने अपनी पीएचडी थीसिस पूरी करने के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल की है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र शरजील इमाम ने अदालत से अनुरोध किया है कि उन्हें उनके शैक्षणिक शोध से जुड़ी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत में दाखिल इस विशेष याचिका में शरजील इमाम ने पेन ड्राइव में मौजूद अपनी पुरानी रिसर्च सामग्री और जेल परिसर में एक कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वह समय पर अपनी थीसिस को पूरा करके जमा कर सके।

अदालत में वकील ने दी दलील, सिर्फ शैक्षणिक कार्य के लिए मांगी अनुमति

कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई के दौरान शरजील इमाम के वकील ने दलील पेश करते हुए अदालत को आश्वस्त किया कि यह मांग पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और केवल शैक्षणिक कार्य (Academic Work) तक ही सीमित है। वकील ने कहा कि रिसर्च सामग्री न मिलने के कारण आरोपित की पढ़ाई और थीसिस का काम अधर में लटका हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

शरजील इमाम पर आरोप है कि उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन भाषणों के कारण ही फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़के थे। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त धाराओं और गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। फिलहाल अदालत इस नई अर्जी पर विचार कर रही है और जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

Latest news

Related news