अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर करने के बाद आयरलैंड क्रिकेट के हौसले इन दिनों सातवें आसमान पर हैं। क्रिकेट आयरलैंड के बोर्ड अध्यक्ष ब्रायन ओडोनेल ने एक विशेष बयान जारी करते हुए कहा है कि विश्व चैंपियन भारतीय टीम के खिलाफ घरेलू धरती पर टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मिली इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जीत के बाद अब उनकी राष्ट्रीय टीम की एक बेहद मजबूत प्रतिद्वंदी (विरोधी टीम) के रूप में वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और साख कई गुना बढ़ जाएगी। ओडोनेल का मानना है कि इस जीत के बाद अब दुनिया की बड़ी और शीर्ष पायदान की टीमों के खिलाफ आयरलैंड को अधिक से अधिक चुनौतीपूर्ण द्विपक्षीय मुकाबले मिलने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो जाएगा, जिससे टीम के खेल स्तर में और अधिक निखार आएगा।
उल्लेखनीय है कि आयरलैंड ने बेलफास्ट के मैदान पर खेली गई इस हाई-प्रोफाइल टी20 सीरीज में दुनिया की सबसे मजबूत और वर्तमान टी20 विश्व चैंपियन टीम इंडिया को 2-0 से करारी शिकस्त देकर सीरीज अपने नाम की थी। यह क्रिकेट इतिहास में पहला ऐसा मौका था, जब किसी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज (Bilateral Series) में भारतीय टीम को आयरलैंड के हाथों शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा हो। इस हार ने जहां भारतीय खेमे और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं आयरिश क्रिकेट के लिए इसे एक स्वर्णिम युग की शुरुआत माना जा रहा है।
जीत का असर होगा व्यापक: ओडोनेल बोले- जमीनी स्तर के निवेश और आईसीसी की मदद का मिला फल
क्रिकेट आयरलैंड के प्रमुख ब्रायन ओडोनेल ने टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर खुलकर बात की और इसके दूरगामी परिणामों को रेखांकित करते हुए कहा:
खिलाड़ियों का बढ़ा मनोबल: यह हमारे युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मनोबल को सातवें आसमान पर ले जाने वाली जादुई जीत है। अब वैश्विक स्तर पर खेल के अन्य क्षेत्रों (जैसे विदेशी टी20 लीग्स) में हमारे खिलाड़ियों की मांग और उपलब्धता काफी ज्यादा बढ़ने वाली है।
भविष्य की संभावनाओं का सही आकलन: इस ऐतिहासिक जीत का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर बहुत गहरा और व्यापक असर होगा, क्योंकि इससे पूरी दुनिया के सामने आयरिश क्रिकेट की वास्तविक क्षमताओं और संभावनाओं का सटीक आकलन हो सकेगा।
बुनियादी ढांचे में भारी निवेश: यह शानदार परिणाम उस कड़े परिश्रम और भारी निवेश का नतीजा है जो क्रिकेट आयरलैंड, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और अन्य वैश्विक हितधारकों की वित्तीय मदद से पिछले कई सालों से इस देश में खेल को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है। वर्तमान में भी आयरलैंड में क्रिकेट से जुड़े अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे (Infrastructures), अकादमियों और टर्निंग पिचों के निर्माण में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग से खुलेंगे कमाई के रास्ते, जय मूंदड़ा बने आयरिश क्रिकेट के नए 'पोस्टर बॉय'
अध्यक्ष ओडोनेल ने आगामी क्रिकेट योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि बहुत जल्द शुरू होने वाली यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग में आयरलैंड के खिलाड़ियों की बड़े पैमाने पर भागीदारी से देश में इस खेल को एक नई नई ऊंचाई और लोकप्रियता मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आपकी विरोधी टीम एक खास और ऊंचे स्तर की होती है, तो खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलता है। इससे खेल के शीर्ष स्तर पर मौजूद खिलाड़ियों के लिए न केवल खेल में सुधार होता है, बल्कि उनके लिए कमर्शियल एंडोर्समेंट और दुनिया भर की लीग्स से कमाई के दूसरे बड़े रास्ते भी आसानी से खुल जाते हैं।
भारतीय मूल के जय मूंदड़ा ने ढाया कहर: भारत के खिलाफ मिली इस ऐतिहासिक सीरीज जीत के सबसे बड़े 'रियल हीरो' और स्टार परफॉर्मर भारतीय मूल के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा बनकर उभरे। उन्होंने अपनी धारदार स्विंग और सटीक यॉर्कर गेंदों के दम पर कप्तान श्रेयस अय्यर की स्टार-स्टडेड मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।
जय मूंदड़ा के इस असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए ओडोनेल ने एक बड़ी नीतिगत घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि क्रिकेट आयरलैंड भविष्य में भी उन सभी विदेशी और प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी राष्ट्रीय टीम से खेलने का भरपूर मौका देगा, जो आईसीसी के रेजिडेंसी नियमों (Residency Rules) के तहत आयरलैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के पूरी तरह पात्र हो चुके हैं। इससे टीम में विविधता और मजबूती दोनों आएगी।
सीमित ओवरों में जश्न, लेकिन टेस्ट क्रिकेट का खराब रिकॉर्ड अभी भी चिंता का मुख्य विषय
वनडे और टी20 जैसे सीमित ओवरों के क्रिकेट फॉर्मेट में लगातार मिल रही शानदार सफलताओं और बड़ी टीमों को धूल चटाने के बावजूद, क्रिकेट आयरलैंड के अध्यक्ष ने पूरी ईमानदारी के साथ टीम की सबसे बड़ी कमजोरी को भी स्वीकार किया। ओडोनेल ने माना कि लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) न खेल पाने की वजह से आयरलैंड की टीम वैश्विक स्तर पर अभी भी अन्य पूर्ण सदस्य देशों की तुलना में काफी पिछड़ रही है।
यदि हम आंकड़ों के नजरिए से आयरलैंड के टेस्ट इतिहास की पड़ताल करें, तो स्थिति सचमुच काफी चिंताजनक नजर आती है:
सीमित मैच: साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का पूर्णकालिक सदस्य (Full Member) बनने और टेस्ट स्टेटस हासिल करने के बाद से लेकर अब तक, आयरलैंड की टीम ने पिछले 8 सालों में महज 13 टेस्ट मैच ही खेले हैं।
जीत का बेहद कम प्रतिशत: इन 13 मुकाबलों में से आयरलैंड की टीम केवल 3 मैचों में ही जीत का स्वाद चख सकी है, जबकि बाकी मैचों में उसे एकतरफा हार का सामना करना पड़ा।
कमजोर टीमों के खिलाफ मिली जीत: ध्यान देने वाली बात यह भी है कि आयरलैंड को ये तीनों टेस्ट जीतें भी क्रिकेट जगत की अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीमों—अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के खिलाफ ही नसीब हुई हैं।
ओडोनेल ने अंत में जोर देते हुए कहा कि हमारा अगला मुख्य लक्ष्य अपनी टी20 और वनडे की फॉर्म को बरकरार रखते हुए टेस्ट क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट में खुद को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित करना है, ताकि लॉर्ड्स और मेलबर्न जैसे बड़े मैदानों पर भी आयरिश टीम टेस्ट मैचों में बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दे सके। इसके लिए भविष्य में और अधिक टेस्ट सीरीज आयोजित करने के लिए अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड्स से बातचीत जारी है।





