मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कौशल विकास निधि (SSDF) योजना के दूसरे चरण का लक्ष्य जारी कर दिया है. जिसमें ‘AI for All’ पर विशेष ध्यान दिया गया है.
936 ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स संवारेंगे 1 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य
इस चरण में 936 ट्रेनिंग प्रदाताओं के माध्यम से 1 लाख से अधिक युवाओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. इनमें 831 निजी, राजकीय एवं स्टार्ट-अप प्रदाताओं को 91,425 युवाओं तथा 105 औद्योगिक एवं न्यू-एज प्रदाताओं को 14,650 युवाओं का लक्ष्य आवंटित किया गया है. व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ विजन को साकार करते हुए यूपी कौशल विकास में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है. मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप इस बार हर बैच में 4 घंटे का ‘AI for All’ और सॉफ्ट स्किल मॉड्यूल अनिवार्य कर दिया गया है. फ्यूचरिस्टिक कोर्सेज को भी प्राथमिकता दी गई है.
क्या है ‘AI for All’ और सॉफ्ट स्किल मॉड्यूल की मुख्य विशेषताएं
कोर्स की अधिकतम अवधि 900 घंटे.
आवासीय केंद्रों पर रोज कम से कम 8 घंटे की कक्षाएं अनिवार्य.
पूरे केंद्र पर CCTV कैमरों की निगरानी.
हर केंद्र पर रोज हिंदी और अंग्रेजी अखबार उपलब्ध.
नए केंद्रों का उद्घाटन स्थानीय विधायक द्वारा.
केवल NCVET/NQR पोर्टल पर लिस्टेड जॉब रोल्स पर ही प्रशिक्षण.
लापरवाही या शिकायत पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘कौशल दर्पण’ AI डैशबोर्ड का उपयोग किया गया है. प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा. मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि केंद्र सिलेक्शन, सत्यापन, बैच अप्रूवल और प्लेसमेंट तक का सख्त 17-चरणीय टाइम-टेबल जारी किया गया है. 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले युवाओं को ही रोजगार मेले में शामिल होने का मौका मिलेगा. प्लेसमेंट के 90 दिनों के अंदर पूरा करना अनिवार्य होगा और नौकरी मिलने के बाद 365 दिनों तक ट्रैकिंग की जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही या शिकायत पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी. यह योजना युवाओं को स्थानीय जरूरतों और आधुनिक उद्योगों (हेल्थकेयर, AI, IT, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि) की मांग के अनुरूप कुशल बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम साबित होगी.
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