UP Monsoon Update: उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार अपनी सुस्त रफ्तार के साथ पूरे राज्य को कवर कर लिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून अपने तय समय (30 जून) से दो दिन की देरी से 2 जुलाई तक पूरे यूपी में सक्रिय हुआ है. हालांकि, पूरे प्रदेश पर मानसूनी बादल छाने के बावजूद बारिश का सिलसिला अभी तक जोर नहीं पकड़ सका है, जिससे किसानों और आम जनता को भीषण उमस का सामना करना पड़ रहा है.
जानिए आंकड़ों में यूपी में बारिश का हाल
कमजोर शुरुआत और अल नीनो के प्रभाव के चलते 1 जून से अब तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से 45 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. इस अवधि में राज्य के औसत 106.8 मिमी के मुकाबले महज 58.3 मिमी पानी ही बरसा है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्थिति अधिक चिंताजनक है, जहां सामान्य से 52% कम (57.5 मिमी) वर्षा हुई है. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 32% कम यानी 59.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है.
UP Monsoon Update: जिलों में कहीं राहत, कहीं सूखा
राज्य के जिलों में बारिश का वितरण काफी असमान है. जहां एक ओर बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में सामान्य से अधिक पानी बरसा है, वहीं मेरठ, आगरा, मथुरा, मुरादाबाद और हरदोई सहित 13 जिलों में मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. इसके विपरीत राजधानी लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या और बहराइच जैसे बड़े जिलों में बादल छाए रहने के बाद भी मानसून बेहद सुस्त है और लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
कैसा रहेगा जुलाई और अगस्त का मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई में सामान्य से 5% और अगस्त में करीब 8% कम बारिश हो सकती है. हालांकि, मौसम विभाग ने तात्कालिक राहत के तौर पर राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर भारी बारिश की उम्मीद है, जिससे कृषि कार्यों को थोड़ी गति मिलने की संभावना है.
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