Friday, July 3, 2026
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दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, अनुदान 50% बढ़ा 3000 रुपये किया

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UP Gram Panchayat
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गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों की बेहतरी के लिए बड़ा फैसला लिया है. आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण के लिए Divyangjan Pension Scheme प्रति व्यक्ति मासिक अनुदान 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है.

योगी सरकार का संस्थागत देखभाल को मजबूत करने का फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर रहते हैं. उन्हें पौष्टिक भोजन, उचित स्वास्थ्य सेवाएं और गरिमापूर्ण जीवन मुहैया कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की लागत को ध्यान में रखते हुए इस अनुदान में वृद्धि की गई है. इससे संवासियों की जीवन गुणवत्ता और बेहतर होगी.

दिव्यांगजनों को सर्वोच्च प्राथमिकता

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े हर प्रयास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है.

बैठक में दिए गए कई प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं

प्रत्येक जनपद में नियमित दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं.
पात्र दिव्यांगजनों को जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं.
श्रवण बाधित बच्चों का शीघ्र चिन्हांकन कर कॉक्लियर इम्प्लांट और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
विभाग की योजनाएं और उपलब्धियांविभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं में दिव्यांग पेंशन योजना, कुष्ठावस्था पेंशन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार, दुकान निर्माण योजना, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, बचपन डे-केयर सेंटर और विशेष विद्यालय शामिल हैं.

2025-26 के Divyangjan Pension Scheme से जुड़े आंकड़े इस प्रकार हैं

12,23,295 दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित.
34,420 दिव्यांगजनों को 43,689 सहायक उपकरण वितरित.
226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया.
चालू वर्ष में 68 जनपदों से 335 बच्चों का चिन्हांकन.

विशेष विद्यालयों और डे-केयर सेंटर्स का विस्तारवर्ष 2017 में जहां केवल 10 जनपदों में बचपन डे-केयर सेंटर थे, वर्तमान में यह संख्या 25 हो गई है और 28 अन्य जनपदों में प्रक्रिया चल रही है. इसी प्रकार विशेष विद्यालयों की संख्या 16 से बढ़कर 28 हो गई है. इन विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य जांच और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों की समयबद्ध भर्ती और तैनाती के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए. विभाग को सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय और शैक्षिक पुनर्वास की सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का लक्ष्य दिया गया है.

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