Iran US Conflict : ईरान और अमेरिका के बीच का तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर (युद्धविराम) पूरी तरह से टूटने की कगार पर है। अमेरिकी सेना द्वारा बीते 24 घंटे में ईरान के सैन्य ठिकानों पर दो बार किए गए बड़े हमलों के बाद, ईरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (IRGC) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों की धज्जियां उड़ाते हुए कुवैत से लेकर बहरीन तक फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला कर दिया है.
Iran US Conflict : आधी रात को ईरान का बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन, दहले अमेरिकी बेस
ईरानी नौसेना (Iranian Navy) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, उनकी नौसेना और वायुसेना ने रविवार तड़के स्थानीय समयानुसार सुबह 2 बजे से 3 बजे के बीच एक बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान (Joint Operation) चलाया.
इस हमले में ईरान ने कुवैत के ‘अली अल सलेम एयरबेस’ और बहरीन के ‘पोर्ट सलमान’ स्थित अमेरिकी 5वें बेड़े (US 5th Fleet) के मुख्यालय समेत कुल आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इन सभी ठिकानों पर ईरान ने ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे. ईरान का साफ कहना है कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई हाल ही में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का करारा जवाब है.
‘वादे तोड़ना दुश्मन की आदत’ – IRGC
अमेरिका पर सीधा हमला बोलते हुए IRGC ने कहा, “हमलावर दुश्मन (अमेरिका), जिसकी आदत ही वादे तोड़ना और समझौतों का उल्लंघन करना है, उसने आज सुबह इस्लामिक रिपब्लिक की पांच तटीय चौकियों पर हमला किया था।” ईरान के मुताबिक, अमेरिका ने यह हमला IRGC नेवी द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले एक जहाज के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई का बहाना बनाकर किया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कड़े होंगे नियम
ईरान ने इस युद्ध के बीच वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर भी सख्त रुख अपना लिया है. ईरान की ओर से कहा गया है कि अब से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नियमों को पहले से कहीं ज्यादा सख्त बनाया जाएगा. उल्लंघन करने वाले जहाजों से सख्ती से निपटा जाएगा. ईरान ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अमेरिकी आक्रामकता का इससे भी घातक जवाब दिया जाएगा, भले ही अमेरिका ईरान के कम महत्व वाले ठिकानों को ही निशाना क्यों न बनाए.
ईरान ने दिया ‘इस्लामाबाद समझौते’ का हवाला
IRGC ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का सीधा आरोप लगाते हुए ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (Islamabad MoU) का हवाला दिया है। ईरान ने कहा, “दुश्मन को यह अच्छी तरह पता होना चाहिए कि सीजफायर का उल्लंघन इस्लामाबाद समझौते की पहली धारा का उल्लंघन है। अमेरिका की इस हरकत के बाद अब शांति से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से निलंबित (Suspend) हो जाएंगी।”
डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी ईरान का अस्तित्व मिटाने की धमकी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन भंडार और रडार ठिकानों को इसलिए तबाह किया क्योंकि ईरान बार-बार युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा था।
ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा था कि अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तो अमेरिका आगे इससे भी बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा, जिससे ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान’ का वजूद (अस्तित्व) ही समाप्त हो सकता है। हालांकि, ट्रंप की इस गंभीर धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागकर यह साफ कर दिया है कि वह झुकने को तैयार नहीं है।





