बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे बच्चे, आवारा कुत्तों पर कार्रवाई की मांग

फरीदाबाद:शहर के सेक्टर-70 स्थित मलबरी काउंटी सोसायटी में आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब मासूम बच्चों को अपनी सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। कुत्तों के लगातार बढ़ते हमलों से परेशान सोसायटी के निवासियों ने शनिवार को डॉग फीडर्स और बिल्डर के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन की सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आई जब सोसायटी के छोटे-छोटे बच्चे हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर एक साथ बाहर निकले और प्रशासन से उन्हें इन हिंसक कुत्तों के आतंक से बचाने की गुहार लगाई। लोगों का कहना है कि बिल्डर और डॉग फीडर्स की लापरवाही की वजह से आज बच्चों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।

प्रशासनिक दखल के बाद निगम की कार्रवाई, दोबारा न छोड़ने की मांग

निवासियों की लगातार बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए आरडब्ल्यूए और स्थानीय लोगों ने इस मामले की लिखित शिकायत जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा और नगर निगम प्रशासन से की थी। शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए नगर निगम की टीम ने सोसायटी में पहुंचकर कार्रवाई की और वहां से आठ आवारा कुत्तों को पकड़कर अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से निवासियों ने थोड़ी राहत की सांस तो ली है, लेकिन साथ ही उन्होंने प्रशासन के सामने यह कड़ी शर्त और मांग भी रखी है कि इन पकड़े गए कुत्तों को किसी भी सूरत में दोबारा इस सोसायटी परिसर के भीतर न छोड़ा जाए, अन्यथा लोगों का गुस्सा फिर से फूट सकता है।

हर महीने हो रहे हैं दस से ज्यादा हमले, मासूम पर हुआ था जानलेवा वार

सोसायटी की आरडब्ल्यूए प्रधान डोली उपाध्याय, सचिव नितिन गर्ग और स्थानीय निवासी विमल उपाध्याय व मनीष गुप्ता ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि यहां कुत्तों का आतंक सीमा पार कर चुका है। मौजूदा समय में सोसायटी परिसर के अंदर 32 से ज्यादा आवारा कुत्ते बेखौफ घूम रहे हैं, जिसके कारण हर महीने मासूम बच्चों और बुजुर्गों पर हमले के दस से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इस डर का सबसे बड़ा कारण पिछले बुधवार को हुई एक रूहकंपा देने वाली घटना है, जब दस साल के मासूम बच्चे पार्थ पर अचानक चार-पांच कुत्तों ने एक साथ जानलेवा हमला बोल दिया था। कुत्तों ने उस बच्चे को जमीन पर गिराकर नीचे दबा लिया था और अपने तीखे पंजों व दांतों से बेरहमी से नोंचना शुरू कर दिया था, जिसे स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बचाया। इस घटना के बाद से ही पूरी सोसायटी के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद डरे और सहमे हुए हैं।

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